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महाराष्ट्र

Book My Show, PVR को बड़ी राहत, बॉम्बे HC ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा शुल्क पर रद्द की पाबंदी

क्या आप भी थिएटर में जाकर फिल्में देखना का शौक रखते हैं. साथ ही आप फिल्म देखने के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं. ऑनलाइन टिकट बुक करना आपको ज्यादा सुविधाजनक लगता है, लेकिन इसके लिए आपको सुविधा शुल्क (convenience fee) देना पड़ता है. लेकिन, टिकट बुकिंग पर इस सुविधा शुल्क को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कदम उठाया था और इस पर पांबदी लगाई थी. हालांकि, अब बॉम्बे हाईकोर्ट के जारी आदेश के बाद Book my show और PVR को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने सुविधा शुल्क पर लगाई गई पाबंदी को रद्द कर दिया है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के एक दशक पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें थिएटर को ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सुविधा शुल्क लगाने से रोक दिया गया था. हालांकि, अब कोर्ट ने कहा कि यह कदम बिजनेस करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है.

कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

जस्टिस महेश सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की बेंच ने कहा कि राजस्व आयुक्त ने 4 अप्रैल, 2013 के जो आदेश जारी किया था – और 18 मार्च, 2014 के अनुवर्ती आदेश जारी किया था, उसमें वैधानिक समर्थन (statutory backing) को पूरा नहीं कर रहा था और यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) का उल्लंघन करता है, जो नागरिकों को कोई भी पेशा अपनाने या कोई भी व्यापार या कारोबार करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है.

बेंच ने कहा, सरकारी आदेश ने थिएटर मालिकों और अन्य लोगों को अपने ग्राहकों से सुविधा शुल्क वसूलने से रोककर याचिकाकर्ताओं को अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है. बेंच ने आगे कहा, “अगर बिजनेस मालिकों को अपने बिजनेस के विभिन्न पहलुओं को (कानून के अनुसार) तय करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाएंगी.

सरकार ने जारी किया था आदेश

साल 2013 और 2014 के आदेश लगभग एक दशक तक स्थगित रहे थे, क्योंकि हाईकोर्ट ने 9 जुलाई, 2014 को पारित एक अंतरिम आदेश के जरिए से उनके संचालन पर रोक लगा दी थी. इसी के चलते, मामला कोर्ट में विचाराधीन रहने के दौरान थिएटर मालिकों ने सुविधा शुल्क लेना जारी रखा था.

याचिकाकर्ताओं ने क्या तर्क दिया था?

यह फैसला पीवीआर लिमिटेड, बिग ट्री एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (बुकमायशो) और फिक्की-मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से राज्य के निर्देशों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में आया है.

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ऑनलाइन बुकिंग एक वैकल्पिक सुविधा है जिसमें तकनीक और बुनियादी ढांचे में निवेश शामिल है. उन्होंने तर्क दिया कि अगर ग्राहक अतिरिक्त शुल्क नहीं देना चाहते हैं, तो वे बॉक्स ऑफिस पर टिकट खरीदने के लिए आजाद हैं. वो थिएटर आए और सीधे वहां से टिकट खरीद सकते हैं. अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि यह उपभोक्ता के हाथ में है कि वो टिकट ऑनलाइन खरीदना चाहते हैं या फिर थिएटर जाकर.

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