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राजस्थान

पहाड़ या गुफा नहीं… कुएं के अंदर बना मंदिर, हर रोज होती है अनोखे ढंग से पूजा

राजस्थान के सीकर जिले से एक अनूठी खबर सामने आ रही है. दरअसल, यहां एक कुएं के अंदर मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसको लेकर चारों तरफ चर्चा हो रही है. मंदिर तक पहुंचने के लिए कुएं के अंदर नीचे तक सीढ़ियां लगाई गई हैं, और नीचे मूर्ति स्थापना की गई है. यह मंदिर हनुमान जी का बताया जा रहा है और यहा हर रोज पूजा भी की जाती है. हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना कुएं के अंदर 25 फीट की गहराई में की गई है.

जानकारी के मुताबिक सीकर में पानी की कमी को देखते हुए आज से करीब 83 साल पहले विक्रम संवत 2001 को रावराजा ने तबेला में कुएं के लिए जमीन दी थी. यहां पर सेठ मोरारका ने कुएं का निर्माण करवाया था. कुएं की खुदाई के दौरान ही यहां पर मूर्ति मिली थी. मूर्ति को कुएं के ऊपर मंदिर बनाकर स्थापित कर दिया गया था. उसके बाद से कुएं पर हनुमान जी की पूजा होने लगी और लगातार पुजारी परिवार यहां रहकर पूजा अर्चना करता रहा. इस मंदिर भगवान शिव और विष्णु जी के अलावा अन्य देवता भी विराजमान हैं.

25 फीट गहरे कुएं में मंदिर

मंदिर के महंत पाराशर नाथ महाराज बताते हैं कि पहले उनके पिता यहां पर पूजा अर्चना करते थे. उनके बाद वे यहां पर लगातार हनुमान जी के मंदिर में पूजा अर्चना करते रहे. करीब 15 साल पहले उन्हें लगा कि ध्यान और साधना के लिए कुएं के अंदर मूर्ति स्थापना कर मंदिर बनाया जाए. इसके बाद उन्होंने कुएं में नीचे 25 फीट की गहराई तक गोल सीढ़ी बनाई. करीब 25 फीट गहराई के नीचे खुदाई करवा कर साइड में छोटा मंदिर बनाया, जो मूर्ति पहले ऊपर स्थापित की गई थी उसे नीचे मंदिर में स्थापित किया गया है.

हर रोज होती है पूजा

यहां रोज जमीन में 25 फीट नीचे जाकर हनुमान जी की पूजा की जाती है. महाराज बताते हैं कि आसपास के लोग और दुकानदार यहां दर्शन के लिए आते हैं. खास बात यह है कि नीचे तक एक बार में एक ही व्यक्ति जाकर दर्शन कर सकता है और वहां पर बैठकर ध्यान लगा सकता है इस तरह की व्यवस्था की गई है.

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