जयपुर डकैती का पर्दाफाश: 10 हजार KM पीछा कर यूपी-नेपाल बॉर्डर से ‘नेपाली गैंग’ के 3 गुर्गे गिरफ्तार

जयपुर (राजस्थान): राजधानी जयपुर के पॉश इलाके जवाहर सर्किल में हुई हाई-प्रोफाइल डकैती के मामले में पुलिस को 29 दिन की लंबी और कड़ी मशक्कत के बाद बड़ी कामयाबी मिली है।
जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित भारत-नेपाल सीमा से कुख्यात ‘नेपाली गैंग’ के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीमों ने आरोपियों को दबोचने के लिए करीब 10,000 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। हालांकि, लूटा गया कीमती सामान और नकदी अभी बरामद होना बाकी है।
👀 नौकर बनकर करते थे घर की रेकी: बेहद खौफनाक है वारदात का तरीका
गैंग का मॉडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका):
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नौकर के रूप में एंट्री: गैंग का कोई एक सदस्य सबसे पहले पीड़ित परिवार के घर में नौकर बनकर काम पर लगता था।
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15-20 दिन की रेकी: आरोपी घर में रहकर लगातार 15-20 दिनों तक पूरे परिवार की दिनचर्या, सदस्यों के आने-जाने के समय और मकान के सूना रहने के मौकों की बारीकी से निगरानी करता था।
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साथियों को बुलाना: पूरी जानकारी पुख्ता होने के बाद रेकी करने वाला सदस्य अपने अन्य साथियों को बुलाता और मौका मिलते ही परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था।
🗓️ 29 जुलाई की खौफनाक सुबह: बेटे को बंधक बनाकर लूटे लाखों रुपये
वारदात का विस्तृत विवरण:
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सूनेपन का फायदा: सब इंस्पेक्टर श्याम प्रकाश के अनुसार, यह दुस्साहसिक वारदात 29 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र स्थित बिजनेसमैन आशीष गुप्ता के घर पर हुई। उस समय आशीष अपनी पत्नी के साथ उत्तराखंड गए हुए थे और उनका बेटा राघव घर में अकेला था।
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लाखों की लूट: तीन हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर राघव को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखे 5 लाख रुपये नकद, कार्टियर (Cartier) कंपनी की बेशकीमती घड़ी, सोने-हीरे की अंगूठियां, ब्रेसलेट, पेंडेंट, सोने की गिन्नी और चांदी के सिक्के लूट लिए और मौके से फरार हो गए।
🚔 फर्जी आईडी का सहारा और पुलिस की 10 हजार किलोमीटर की चेसिंग
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी:
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फर्जी पहचान: गैंग के सदस्य बेहद शातिर हैं। वे पुलिस से बचने के लिए फर्जी आईडी (Fake ID), फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल करते थे और होटलों में गलत पहचान दर्ज कराते थे।
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4 राज्यों में पुलिस का जाल: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की 4 अलग-अलग टीमें गठित की गईं, जिन्हें दिल्ली, यूपी, मुरादाबाद, बहराइच, गौरीफंटा, रूपईडीहा और बेंगलुरु तक भेजा गया।
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गिरफ्तारी: तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने बहराइच बॉर्डर से तीन मुख्य आरोपियों—सतवीर सिंह, मनबहादुर और प्रदीप कुमार यादव को दबोच लिया है। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर माल बरामदगी की गहन पूछताछ कर रही है।





