ब्रेकिंग
CGSSB Lecturer Vacancy 2026: 8 विषयों में होगी शिक्षकों की भर्ती; 29 नवंबर को संभावित परीक्षा, व्याप... Durg Crime News: कॉलेज की फीस भरने के लिए बने चैन स्नेचर; दुर्ग में इंजीनियरिंग के दो छात्र-छात्रा ग... Korba News: छोटे भाई को बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई! छातीबहार के जंगल में हादसा, एनजीओ की लापरवाही ... Janjgir Gambling Raid: बनारी में सूने मकान में चल रहा था हाई-प्रोफाइल जुआ; पुलिस ने निकाला कारोबारिय... Durg Cylinder Theft Case: 36 भरे एलपीजी सिलेंडर चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे; खरीदने वाल... Lesliganj Robbery Attempt: ग्राहक सेवा केंद्र में घुसे दो हथियारबंद लुटेरे; मां-बेटे ने जमकर की धुना... Karma Puja 2026: मांदर की थाप पर थिरका झारखंड; करमा पर्व की पूर्व संध्या पर रांची में सांस्कृतिक कार... State Level Nehru Hockey Tournament: रांची में सिमडेगा का दबदबा; अंडर-17 में सिमडेगा और अंडर-15 में ... Ranchi News: त्योहारों पर जरूरी सामानों की न हो किल्लत; रांची चैंबर ने एसएसपी से मांगी नो-एंट्री समय... Jhasa vs Yogendra Sau: हजारीबाग सीओ से बदसलूकी मामले में भड़का प्रशासनिक सेवा संघ; डीसी से की कार्रव...
मध्यप्रदेश

गोद में बीमार बेटा लेकर ट्यूब पर बैठी मां, उफनती सिंध नदी को किया पार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी-जिले में हो रही लगातार बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है. यही वजह है कि ग्रामीणों को अपनी जान को जोखिम में डालकर उफनाती हुई सिंध नदी को पार करना पड़ रहा है. ग्रामीण ऐसा शौक में नहीं, बल्कि मजबूरी में कर रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है. बरसात के दिनों में पानी से घिरे हुए गांव टापू की शक्ल ले चुके हैं.

एक महिला ने अपने बच्चे को लेकर ट्यूब के सहारे सिंध नदी पार की. इसका वीडियो भी सामने आया है. ये वीडियो शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा के बदरवास के ग्राम पंचायत टीलाकलां के गौरागांव का बताया जा रहा है. यहां महिला को अपने बच्चे के इलाज के लिए ट्यूब का सहारा लेकर नदी पार करने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि बच्चे को इलाज की आवश्यकता थी.

बरसात के दिनों में टापू बन जाता है गांव

अगर बच्चे को इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान जोखिम में पड़ जाती. ऐसे में महिला ने बच्चे की जान बचाने के लिए उसको लेकर ट्यूब के सहारे नदी पार की. महिला को नदी पार करने के लिए ट्यूब और सहारा स्थानीय ग्रामीण राम केवट और राम पाल केवट ने दिया. इस क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि बरसात के दिनों में उनका गांव पूरी तरह से टापू में तब्दील हो जाता है.

पुल न होने के चलते जान जोखिम में डालते हैं ग्रामीण

चारों तरफ से सिंध नदी का पानी गांव को घेर लेता है. ऐसे में उनके सामने बरसात के चार महीने ऐसी ही परेशानी बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और नदी पर पुल न होने के कारण हमें बरसात में इसी तरह अपनी जान को जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ता है.स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों ने गुहार लगाई है और कहा है कि उनके गांव में सड़क और नदी पर पुल बनवा दिया जाए तो उन्हें इस तरह पानी में अपनी जिंदगी दांव पर लगाने से निजात मिल जाएगी.

Related Articles

Back to top button