ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
बिहार

18 लाख मृतक, 26 लाख हो चुके हैं शिफ्ट… चुनाव आयोग ने SIR को लेकर जारी किए ये फैक्ट

बिहार में SIR को लेकर बवाल छिड़ा हुआ है. इसके परीक्षण को लेकर कई तथ्य भी उजागर हुए हैं. अब तक हुए इस टेस्टिंग में 18 लाख मृतकों के नाम पाए गए हैं. 26 लाख लोग दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में जा चुके हैं और 7 लाख लोगों ने दो जगह वोट बनवा रखे हैं. ऐसे में आइए जानतें हैं कि चुनाव आयोग ने किन तथ्यों को उजागर किया है.

ECI ने उजागर किए कई फैक्ट

  1. बिहार में चल रहे SIR में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं कि सभी पात्र मतदाताओं को 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्रॉफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाए. बिहार में सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों द्वारा नियुक्त लगभग 1 लाख बीएलओ, 4 लाख वालंटियर्स और 1.5 लाख BLA सहित पूरी चुनाव मशीनरी उन मतदाताओं को ढूंढ़ने के लिए मिलकर काम कर रही है, जिन्होंने अभी तक अपने गणना फॉर्म (EF) जमा नहीं किए हैं या जो अपने पते पर नहीं पाए गए हैं.
  2. CEO/DEOS/EROS/BLOs ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं और उन 21.36 लाख मतदाताओं की विस्तृत सूची साझा की है जिनके फार्म अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं और लगभग 52.30 लाख ऐसे मतदाताओं की भी सूची साझा की है, जिनकी कथित तौर पर मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या जो एक से अधिक स्थानों पर नामांकित हैं.
  3. दिनांक 24.06.2025 के SIR आदेश के अनुसार, 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक आम जनता में से कोई भी व्यक्ति ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम जोड़ने, हटाने, सुधार करने के लिए आपत्तियां दर्ज करा सकता है.

आंकड़ों के जरिए समझें ये फैक्ट

4 कुल निर्वाचक (24 जून 2025 तक) 7,89,69,844 प्रतिशत
5 प्राप्त गणना फॉर्म 7,16,04102 90.67%
6 डिजिटाइज किए गए गणना फॉर्म 7,13,65,460 90.37%
7 अब तक अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए निर्वाचक 52,30,126 6.62%
7.1 अब तक की रिपोर्ट के अनुसार मृत निर्वाचक 18,66,869 2.36%
7.2 अब तक की रिपोर्ट के अनुसार स्थायी रूप से स्थानांतरित निर्वाचक 26,01,031 3.29%
7.3 एक से अधिक स्थानों पर नामांकित निर्वाचक 7,50,742 0.95%
7.4 जिन निर्वाचकों का पता नहीं चल पा रहा है 11,484 0.01%
8 कुल सम्मिलित निर्वाचक (5+7) 7,68,34,228 97.30%
9 शेष गणना फॉर्म, जिन्हें अभी प्राप्त किया जाना बाकी है 21,35,616 2.70%

बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर आर-पार की लड़ाई छिड़ गई है. विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पक्ष और विपक्ष में जबरदस्त तरीके से भिड़ंत देखने को मिली. विपक्षी विधायकों ने जबरदस्त हंगामा किया. वेल में घुसकर नारेबाजी की.

Related Articles

Back to top button