ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
राजस्थान

राजस्थान: आगजनी-पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़…स्कूल हादसे के बाद झालावाड़ में फूटा लोगों का गुस्सा

राजस्थान में झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में स्कूल हादसे के बाद लोगों में गुस्सा है. स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, वहीं 34 बच्चे अब भी जिंदगी की जंग अस्पताल में लड़ रहे हैं. सूचना पर तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और गांववालों से हादसे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की. लेकिन अफसरों को देखकर लोग भड़क गए. गुस्साए गांव वालों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की. सड़क पर आगजनी कर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया.

वहीं, हादसे के बाद स्कूल के 5 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है. राज्य के शिक्षा मंत्री ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं. गांव वालों का आरोप है कि स्कूल की हालत जर्जर थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया.

प्रशासन ने क्या कहा?

जिला शिक्षा अधिकारी ने गांववालों के आरोपों को नकारते हुए बारिश के पानी को इसका जिम्मेदार बताया. उनका कहना था कि बारिश के कारण इमारत के पीछे खेत में पानी जमा था. पानी क्लास की दीवार में रिस रहा था और उसी कारण स्कूल की छत गिरी है. उन्होंने कहा प्रिंसिपल को पहले ही निर्देश दिया गया था कि उस कमरे में बच्चों को न पढ़ाया जाए.

छात्रों की बात को किया नजरअंदाज

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पहले छात्रों ने शिक्षकों से कहा कि कुछ गड़बड़ है. हालांकि, उस समय नाश्ता कर रहे शिक्षकों ने छात्रों की बात को नजरअंदाज किया और उन्हें कक्षाओं में जाने के लिए कहा.

हादसे में बाल-बाल बची एक छात्रा ने बताया कि हम दरवाजे के पास बैठे थे. तभी अचानक बजरी के कुछ टुकड़े गिरने लगे. कुछ ही देर के बाद बगल वाली कक्षा भी ढह गई. हम दरवाजे के पास बैठ थे इसलिए तुरंत बाहर भाग गये.

सरपंच ने लगाए आरोप

हादसे के बाद गांव के सरपंच ने बताया कि छत गिरने की जानकारी मिलते ही वह अपनी जेसीबी लेकर वहां पहुंचे. इसके बाद मलबे से 13 छात्रों को निकला गया था, जिसमें 7 की मौत हो गई. सरपंच ने आरोप लगाया कि मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिसके कारण घायलों के टू-व्हीलर से अस्पताल ले जाना पड़ा.

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी स्कूल हादसे के हुए हादसे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दुख व्यक्त किया. साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में विभागीय अधिकारियों एवं सभी जिला कलक्टर्स को सरकारी भवनों विशेष रूप से स्कूलों, आंगनबाड़ियों, अस्पतालों और अन्य राजकीय भवनों का तत्काल निरीक्षण कर, प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए. साथ ही इसकी तत्काल रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भिजवाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया.

राष्ट्रपति ने भी जताया दुख

झालावाड़ जिले में स्कूली बच्चों की मौत पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ-साथ अन्य कई बड़े नेताओं ने दु:ख जताया है. राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हादसे में कई छात्रों की मृत्यु और घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर शोक संतप्त परिवारजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

Related Articles

Back to top button