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पंजाब

पुड्डा में जाली NOC घप्पला : विभाग ने SDO व JE को किया सस्पैंड

अमृतसर : अमृतसर डिवैल्पमैंट अथॉरिटी पुड्डा के पूर्व अतिरिक्त मुय प्रशासक मेजर अमित सरीन की तरफ से 340 जाली एन.ओ.सीज पकड़े जाने के मामले में एक विभाग की तरफ से एक और कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार विभाग ने मामले की जांच करने के बाद एस.डी.ओ. मनबीर और जे.ई. दविन्दरपाल को सस्पैंड कर दिया है। इससे पहले की शुरुआती जांच में दो कर्मचारियों इशवर सैनी और अश्वनी कुमार को पहले ही सस्पैंड किया जा चुका है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में कुछ और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि इतनी सारी एन.ओ.सी. अकेले एस.डी.ओ. या जे.ई. के वश की बात नहीं है, क्योंकि एन.ओ.सी. पर कुछ और बड़े अaधिकारियों के भी हस्ताक्षर होते हैं और एन.ओ.सी. कई अधिकारियों के हाथों से निकलती है।

क्या था मामला

पुड्डा के अतिरिक्त मुय प्रशासक की तरफ से जब एक एनओसी की जांच की गई तो पता चला कि एनओसी की फीस विभाग में जमा ही नहीं करवाई गई है। लोगों को एनओसी एक ही नंबर पर दोबारा जारी कर दी जाती थी। पुड्डा के भ्रष्ट कर्मचारियों की तरफ से कोलोनाइजर को एक ही दस्तावेज पर 8 एन.ओ.सीज जारी कर दी थी रिश्वत लेकर इतनी दिलेरी करते थे कि यह भी नहीं सोचते थे कि इस दिलेरी का अंजाम क्या होने वाला है।

जानकारी के अनुसार रिहायशी प्लाट से लेकर कमर्शियल आदि में 50 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक की रिश्वत ली जाती थी और इस मामले में इशवर सैनी व अश्वनी कुमार असिस्टैंट अकेले थे, ऐसा संभव नहीं हो सकता है और विभाग के कुछ बड़े अधिकारी भी इसमें शामिल हैं, जिनको शोकॉज नोटिस मेजर अमित सरीन की तरफ से जारी किया गया था। मामला पुड्डा के चंडीगढ़ हैडक्वार्टर के उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद इसकी जांच जारी थी और पंजाब सरकार के वैसे भी स्पष्ट आदेश हैं कि जो अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाए या सरकारी खजाने को चूना लगाते पकड़ा गया तो सीधा नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा न कि सस्पैंड किया जाएगा।

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