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पंजाब

बुजुर्ग माता-पिता के टूटे सपने, विदेश की धरती पर 30 वर्षीय बेटे ने तोड़ा दम

अमृतसर: अमृतसर जिले के मजीठा कस्बे के निकटवर्ती गांव भंगवां के 30 वर्षीय युवक गुरजंट सिंह पुत्र प्यारा सिंह का शव कल देर रात दुबई से श्री गुरु रामदास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर पहुंचने पर सरबत दा भला ट्रस्ट की निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा द्वारा उसके घर भेज दिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए दुबई के प्रमुख व्यवसायी एवं सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. एस.पी. सिंह ओबराय ने बताया कि गुरजंट अन्य युवाओं की तरह पिछले 6 वर्षों से अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए दुबई में कड़ी मेहनत कर रहा था। उन्होंने बताया कि परिवार के अनुसार, उसे खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 24 जुलाई को मस्तिष्क की नस फटने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी।

उन्होंने बताया कि बीती देर रात अमृतसर हवाई अड्डे से शव पीड़ित परिवार की उपस्थिति में ट्रस्ट के पंजाब अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह हेर, महासचिव मनप्रीत संधू चमियारी और जिला उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह हेर ने प्राप्त करके ट्रस्ट की ‘निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा’ के माध्यम से उसके घर भिजवाया। उन्होंने बताया कि गुरजंट के शव को भारत भेजने पर आया खर्च उसकी बीमा कंपनी ने वहन किया है। डॉ. ओबरॉय ने यह भी बताया कि गुरजंट अपने पीछे अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, दो साल का बेटा और तीन बहनों को रोता-बिलखता छोड़ गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की अमृतसर जिला टीम जल्द ही परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में सूचित करेगी और गुरजंट के परिवार को उनकी आवश्यकतानुसार मासिक पेंशन भी प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि डॉ. ओबरॉय के संरक्षण में अब तक लगभग 420 के करीब बदकिस्मत युवाओं के शव उनके वारिसों तक पहुंचाए जा चुके हैं और पिछले कुछ महीनों से अमृतसर हवाई अड्डे से शवों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई है। इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद मृतक के बहनोई जगदीप सिंह, सुखविंदर सिंह व जुगराज सिंह, चाचा मनजीत सिंह, मामा गुरजीत सिंह, चचेरे भाई अजमेर सिंह, बलजिंदर सिंह, निशान सिंह व बलविंदर सिंह आदि ने इस मुश्किल घड़ी में बड़ी मदद के लिए डॉ. एसपी सिंह ओबराय का धन्यवाद किया।

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