ब्रेकिंग
प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' सभा, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और अमित शाह पर बोला तीखा... पूर्णिया में कोहराम: दो हादसों में 5 बच्चों की डूबने से मौत, कसबा में 3 सगे भाई और बायसी में 2 चचेरी... हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव ट... रांची के बेड़ो में दो विशालकाय हाथियों की एंट्री: कैरो गांव में मचा हड़कंप, वन विभाग ने मशाल और पटाख... रांची में भीषण सड़क हादसा: सेना के वाहन और कार की जोरदार भिड़ंत, कार के उड़े परखच्चे, 3 अस्पताल में ... धनबाद के कतरास में भीषण भू-धंसान, 15 मकान पूरी तरह जमींदोज, मची चीख-पुकार हजारीबाग की सोहराय कलाकार पुतली गंझू सम्मानित: 5000 साल पुरानी लोक कला को विदेशों में दिलाई पहचान, म... गुमला में अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह ध्वस्त: 11 गिरफ्तार, 70 ग्राम सोना, 1.5 किग्रा चांदी और 1.70 लाख ... रांची में छात्र आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे दो और छात्रों की तबीयत बिगड़ी, अनशनस्थल पर पहुंचे ... रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनोखा प्रदर्शन: विश्व आदिवासी दिवस पर पारंपरिक भेष-भूषा और स्...
देश

चपरासी ने पानी की जगह पिला दिया पेशाब, बीमार पड़ गए इंजीनियर साहब… पुलिस ने लिया ये एक्शन

ओडिशा के गजपति में चपरासी की घिनौनी करतूत सामने आई है. ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग (RWSS) में काम करने वाले इंजीनियर ने चपरासी से पीने के लिए पानी मांगा था. आरोप है कि चपरासी ने उन्हें पानी की जगह पेशाब पिला दिया. इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई. उनका इलाज चल रहा है. वहीं, चपरासी का कहना है कि उसने इंजीनियर को साफ पानी ही दिया था. फिलहाल उस पानी/पेशाब के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है.

इंजीनियर ने इसे लेकर थाने में तहरीर दी. पुलिस ने मामले में एक्शन भी लिया. घटना 23 जुलाई की बताई जा रही है. ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग (आरडब्ल्यूएसएस) के अभियंता सचिन गौड़ा ने प्राथमिकी आवेदन में लिखा- मैंने 22 जुलाई को ही कार्यालय में जूनियर इंजीनियर के तौर पर योगदान दिया है. 23 जुलाई को डिनर करने के बाद मैंने चपरासी सिबा नारायण नायक से पानी मांगा.

सचिन गौड़ा का आरोप है कि चपरासी ने उन्हें पीने का पानी कहकर एक स्टील की बोतल थमा दी. इसमें बाद में पेशाब होने का संदेह हुआ. दो अन्य कर्मचारियों ने भी उसी बोतल से पानी पिया और उन्होंने भी पानी से आ रही बदबू आने की शिकायत की. पानी का स्वाद भी बिल्कुल अलग सा था. उसमें से बहुत ही गंदी बदबू आ रही थी. इसलिए उन्होंने बचे हुए पानी/पेशाब को बचाकर रख लिया. अगले दिन इंजीनियर साहब की तबीयत खराब हो गई. फिर वो थाने पहुंचे.

नमूने को प्रयोगशाला भेजा

उन्होंने पुलिस को पूरी बात बताई. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बोतल में बचे पानी के नमूने को एक स्थानीय प्रयोगशाला में भेजा गय. निर्णायक जांच के लिए दूसरा नमूना परलाखेमुंडी की एक प्रयोगशाला में भेजा गया है. घटना के बाद बीमार हुए इंजीनियर गौड़ा का इलाज चल रहा है. आर उदयगिरी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. यह मामला ओडिशा जल संसाधन निदेशालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष भी उठाया गया है.

चपरासी ने दी अपनी सफाई

वहीं, चपरासी का कहना है कि उसने पानी दिया है और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं की है. इंजीनियर मेरे ऊपर ऐसा आरोप क्यों लगा रहे हैं, मुझे नहीं पता है. पुलिस ने पूछताछ के बाद गुरुवार रात को चपरासी को छोड़ दिया था. फिर शुक्रवार सुबह-सुबह दोबारा पुलिस ने आरोपी चपरासी को थाने में बुलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया है. पानी/पेशाब के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी.

Related Articles

Back to top button