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उत्तरप्रदेश

LDA ने घर तो बनाया, लेकिन बाहर 3 कब्र… दहशत में परिवार अब रेंट पर रह रहा, जनता दरबार में पीड़ित का छलका दर्द

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के गोमतीनगर कार्यालय में गुरुवार को आयोजित जनता अदालत में कई अजीबोगरीब और गंभीर मामले सामने आए. इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित फ्लैट के पास कब्रें होने, कर्मचारियों की बिना सूचना नौकरी से निकाले जाने, और दशकों पुरानी योजनाओं में कब्जा न मिलने जैसी शिकायतें शामिल रही.

एक फरियादी ने तो गुस्से में अधिकारियों से यह तक कह दिया कि अगर समस्या का समाधान नहीं कर सकते, तो गोली मार दो या फांसी चढ़ा दो. मोहन रोड, मौंदा निवासी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बसंतकुंज योजना के सेक्टर-डी, प्लॉट नंबर 47/8 में फ्लैट आवंटित हुआ था. रजिस्ट्री के बाद जब वह जनवरी 2025 में परिवार के साथ वहां रहने पहुंचे, तो घर के ठीक सामने तीन पक्की कब्रें देखकर उनकी पत्नी और बच्चे दहशत में आ गए. डर के मारे परिवार ने वहां रहने से इनकार कर दिया.

परिवार किराए पर रहने को मजबूर

अब जितेंद्र किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं. जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने छह महीने पहले एलडीए को इसकी शिकायत की थी, और अधिकारियों ने कब्रों को हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. जितेंद्र ने कहा, “हमने सपनों का घर लेने के लिए लोन लिया, लेकिन कब्रों के कारण परिवार वहां रहने को तैयार नहीं. अब किराए और लोन की किश्तें दोनों चुकानी पड़ रही हैं.”

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जितेंद्र को अपने कमरे में बुलाकर उनकी समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया, लेकिन फरियादी का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यूपी दर्शन पार्क में टिकट काउंटर पर काम करने वाले शशिकांत वर्मा ने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को उन्हें और 13 अन्य कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया गया.

21 साल बाद भी ऐशबाग राम नगर योजना में कब्जा नहीं

शशिकांत का कहना है कि पिछले पांच महीने का वेतन भी नहीं दिया गया और जब उन्होंने बकाया वेतन मांगा, तो उन्हें धमकियां मिलीं. उन्होंने यह भी बताया कि उनका पीएफ तक नहीं काटा गया. शशिकांत ने जनता अदालत में गुहार लगाई कि उनकी नौकरी बहाल की जाए और बकाया वेतन का भुगतान किया जाए. संजय केसरवानी ने ऐशबाग राम नगर योजना में 2004 में आवंटित भूखंडों पर कब्जा न मिलने की शिकायत की.

उन्होंने बताया कि इस योजना में करीब 80 लोगों को भूखंड आवंटित किए गए थे, लेकिन आज तक कब्जा नहीं मिला. एक व्यक्ति, प्रकाश यादव, ने कथित तौर पर इन भूखंडों पर अवैध झुग्गियां बनाकर कब्जा कर लिया है और किराया वसूल रहा है. संजय ने कहा, “हमने लोन लेकर प्लॉट खरीदा, लेकिन 21 साल बाद भी कब्जा नहीं मिला. हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर लगी है.”

“समस्या हल नहीं कर सकते तो गोली मार दो”

जनता अदालत में सबसे ज्यादा हंगामा तब हुआ, जब निरंजन लाल अपने बेटे गौरव के साथ पहुंचे. उन्होंने अपनी समस्या रखी, जिस पर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई. निरंजन ने गुस्से में कहा, “अगर आप हमारी समस्या हल नहीं कर सकते, तो गोली मरवा दो या फांसी चढ़ा दो.” करीब 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा. स्थिति बिगड़ने पर एलडीए ने गौरव पर अपने पिता को उकसाने का आरोप लगाते हुए गोमती नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद गौरव को हिरासत में ले लिया गया.

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि बसंतकुंज योजना में कब्रों के मामले की जांच की जाएगी और जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा. कर्मचारियों की शिकायत पर भी प्राधिकरण ने जांच शुरू करने की बात कही. हालांकि, आवंटियों को कब्जा न मिलने के मामले में प्रथमेश ने पहले भी किसानों के विरोध और कानूनी अड़चनों का हवाला दिया था.

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