ब्रेकिंग
Sadar Hospital Giridih: युवती के पीछे पड़े मजनू की अस्पताल में हुई खातिरदारी, नगर थाना पुलिस ने बचाय... Jharkhand BJP News: दो दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे नए प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, एयरपोर्ट पर ... Delhi Police Action: दोनों तरफ से चलीं 26 राउंड गोलियां, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई पुलिसकर्मियों की ज... Rain Alert India: पहाड़ी राज्यों से लेकर दक्षिण भारत तक सक्रिय हुआ मौसम, जानिए अपने शहर के आज के ताप... West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प...
राजस्थान

55 साल की महिला ने 17वीं संतान को दिया जन्म, 5 बच्चों की हो चुकी हैं शादियां, डॉक्टर बोले- नसबंदी के लिए करेंगे जागरूक

बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने वर्षों पहले हम दो हमारे दो का नारा दिया था. इसको लेकर आमजन को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है. लेकिन राजस्थान के उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. यहां एक महिला ने अपनी 17वीं संतान को जन्म दिया है. इस महिला का नाम रेखा कालबेलिया है.

रेखा कालबेलिया की उम्र 55 साल है. बुधवार को झाड़ोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेखा ने 17वें बच्चे को जन्म दिया. इससे पहले उसके चार बेटे और एक बेटी जन्म के कुछ समय बाद ही गुजर चुके हैं, जबकि पांच बच्चों की शादी हो चुकी है. अस्पताल के वार्ड में जब लोगों को यह जानकारी मिली तो यह चर्चा का विषय बन गया.

रहने के लिए मकान तक नहीं

रेखा के पति कवरा कालबेलिया का कहना है कि उनके पास रहने के लिए मकान तक नहीं है और परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो रहा है. बच्चों की शादी और भोजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने 20% ब्याज पर कर्ज लिया और अब तक लाखों रुपये चुका दिए, लेकिन ब्याज खत्म नहीं हुआ.

कबाड़ बटोरकर चलाते हैं आजीविका

कबाड़ बटोरकर आजीविका चलाने वाले इस परिवार के किसी भी सदस्य को शिक्षा के नाम पर विद्यालय तक देखना नसीब नहीं हुआ. पूरा परिवार बेघर रहने को मजबूर है. कवरा कालबेलिया ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रोशन दरांगी ने बताया कि जब रेखा को भर्ती किया गया तो परिवार वालों ने उसकी चौथी संतान होने की जानकारी दी थी. लेकिन बाद में सामने आया कि यह उसकी 17वीं संतान है. अब विभाग की ओर से रेखा और उसके पति को नसबंदी के लिए जागरूक किया जाएगा. वहीं, मां और नवजात बिल्कुल स्वस्थ है.

Related Articles

Back to top button