ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
मध्यप्रदेश

Royal Look में Scindia, शाही पोशाक और तलवार के साथ दिखा जोश

ग्वालियर। हाथ में चमकती तलवार… सिर पर राजसी साफा… और साथ में बेटे महान आर्यमन का वही शाही रूप। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह अंदाज साल में सिर्फ एक बार ही देखने को मिलता है— दशहरे के मौके पर।

गुरुवार को ग्वालियर राजपरिवार ने परंपरा निभाते हुए गोरखी स्थित देवघर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुआ शस्त्र पूजन—जहां राजसी सेना के चिह्न और पुरखों की परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा—

“विजयादशमी हमें हमेशा यह संदेश देती है कि सत्य और धर्म की राह ही सबसे बड़ी विजय है।”

उनके साथ उनके बेटे महान आर्यमन सिंधिया भी पारंपरिक परिधान और तलवार के साथ मौजूद रहे। भीड़ के बीच पिता-पुत्र की यह झलक देखते ही हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।

 क्यों है खास यह परंपरा?

सिंधिया राजपरिवार की दशहरा परंपरा सदियों पुरानी है। शस्त्र पूजन और रियासतकालीन चिह्नों का पूजन ग्वालियर के गौरव से जुड़ा है।ग्वालियरवासी इस दिन राजपरिवार के ‘शाही दर्शन’ को शुभ मानते हैं।

जनता का उमड़ा सैलाब

ग्वालियर की सड़कों पर गुरुवार को राजसी ठाठ-बाठ का अद्भुत नजारा दिखा। मंदिर से लेकर राजचिह्न पूजन तक हजारों लोग उमड़े और उन्होंने सिंधिया परिवार के शाही दर्शन किए।

सिंधिया का संदेश

“यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। विजयादशमी हम सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।”

Related Articles

Back to top button