ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
छत्तीसगढ़

मानवता की मिसाल: 25 लाख का इलाज गांव वालों ने कराया मुफ्त, बच्ची को मिला नया जीवन

छत्तीसगढ़ में एक गांव ने एक बच्ची की जिम्मेदारी उठाई और उसका लाखों का इलाज मुफ्त में कराया. बच्ची के दिल में छेद था और उसके इलाज में 25 लाख का खर्च आ रहा था. ऐसे में उसके माता-पिता इतनी बड़ी रकम नहीं जुटा पा रहे थे. ऐसे में गांव वालों ने दरियादिली दिखाई और बच्ची की मदद के लिए आगे आए और जहां 25 लाख रकम जुटा पाना नामुमकिन लग रहा था. वहां गांव वालों ने मिलकर बच्ची का इलाज मुफ्त में करा दिया.

ये मामला बीजापुर के भोपालपटनम बस्तर से सामने आया है. ये इलाका रायपुर से करीब 500 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है. यहां पर लोग अक्सर लोगों की मदद करते नजर आते हैं. गांव में कोई बीमार हो जाए तो गांव वाले उसका सहारा बन जाते हैं. ये गांव बीजापुर का वरदल्ली है. इसी गांव की रहने वाली शंभावी नाम की 11 साल की बच्ची का गांव वालों ने इलाज कराया.

2500 रुपये महीना पिता की कमाई

शंभावी अपने माता-पिता के साथ गांव में रहती है. शंभावी के दिल में छेद था और वॉल्व पूरी तरह से खराब हो गया था. ऐसे में शंभावी को बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी. उसकी परेशानी बढ़ती जा रही थी. शंभावी के पिता विक्कू एक छोटे से किसान हैं और मां विजयलक्ष्मी गृहिणी है. शंभावी के पिता महीने के महज 2500 रुपये कमाते हैं. 2500 रुपये में वह अपने घर का खर्चा भी मुश्किल से ही उठा पाते हैं.

25 लाख का इलाज मुफ्त में कराया

ऐसे में सिर्फ 2500 महीने की कमाई से बेटी शंभावी का इलाज करा पाना, उनके लिए नामुमकिन था. 2500 रुपये महीने में वह 25 लाख का इलाज कैसे करा पाते, लेकिन कहते हैं न कि जिंदगी ऊपर वाले के हाथ में होती है. शंभावी के लिए गांव वाले फरिश्ता बने. रायपुर के लोगों ने दरियादिली दिखाते हुए 25 लाख रुपए जमा किए और शंभावी का इलाज एकदम मुफ्त कराया. शंभावी के इलाज के लिए कुछ पुलिस अफसरों और मंत्रियों ने भी पैसे दिए, जो शंभावी के इलाज का अहम जरिया बने.

Related Articles

Back to top button