ब्रेकिंग
Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श...
धार्मिक

जीवन में चाहिए अपार सफलता? आज से ही ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुरू करें, जानिए 3 काम जो आपकी किस्मत बदल देंगे

 हिंदू धर्म शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत विशेष माना जाता है. प्रात: काल तीन से पांच बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त का माना जाता है. ये दिन का सबसे शांत समय होता है. माना जाता है कि इस समय पर प्रकृति की उर्जा अपने चरम पर होती है. इस समय मन पूरी तरह से शांत होता है. इन्हीं सब वजहों से ये समय ध्यान, योग, पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ कहा गया है. ब्रह्म मुहूर्त को अक्षय मुहूर्त के नाम से भी कहते हैं.

जो कोई भी ब्रह्म मुहूर्त में अपने काम की शुरुआत करता है. उसका मस्तिष्क ज्यादा साफ रहता है. सोचने-समझने की ताकत बढ़ती है और दिन भर शरीर उर्जावान रहता है. इस समय में की गई साधना का असर जल्दी दिखाई देता है, क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में मन उलझनों से मुक्त होता है, तो चलिए जानते हैं कि बह्म मुहूर्त में कौन से काम या कहें कि उपाय करने चाहिए?

हथेलियों के दर्शन करें

ब्रह्म मुहूर्त का समय बड़ा ही चमत्कारी माना गया है, इसलिए इस दौरान आंख खुलने पर लोगों को अपनी हथेलियों को अवश्य देखना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि हथेलियों में त्रीदेव निवास करते हैं. ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त में उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन अवश्य करें.

गायत्री मंत्र का जाप करें

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए. फिर ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ का उच्चारण करना चाहिए. इस शुभ समय गायत्री मंत्र का जाप करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं.

भगवान शिव का स्मरण करें

मंत्रोच्चारण के बाद कुछ देर ध्यान लगाना चाहिए और भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए. ‘ऊं’ का जप करना चाहिए. इस साधना से मन और आत्मा दोनों शुद्ध होती है. साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर परेशानी दूर होती है.

Related Articles

Back to top button