ब्रेकिंग
नेपाल में ग्लेशियल झील फटने से बिहार में हाई अलर्ट: गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए, कोसी-सारण तटबं... नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर विनाशकारी बाढ़: नेपाल में खुली तबाही, चीन में आंकड़ों पर रहस्य ₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही...
छत्तीसगढ़

धमतरी में राजाडेरा बांध टूटने से हड़कंप, किसानों ने सिंचाई विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

धमतरी: मगरलोड स्थित राजाडेरा जलाशय का तटबंध अचानक टूट गया. बांध टूटने से पानी बाढ़ के रूप में निचले इलाकों के खेतों में घुस रहा है. जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

बांध टूटने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता: रविवार सुबह जलाशय के टेल एरिया के पास बांध टूट गया. जिससे बांध से लगे हुए नाला में बाढ़ की स्थिति आ गई. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले से बांध का उपरी भाग धंसा हुआ लग रहा था. लेकिन एकाएक बांध टूट जाएगा ऐसा किसी को अंदेशा नहीं था. राजाडेरा जलाशय टूट जाने से बांध के नीचे बसे गांव बेलरदोना, कोरगांव, शुक्लाभाठा, आमाचानी सहित दर्जनों गांव के किसान चिंतित हैं.

किसानों ने कहा कि नाला के आसपास उनकी धान की फसल लगी हुई है. जो पूरी तरह पककर तैयार हैं. मौसम खराबी की वजह से फसल काटने में देरी हो गई हैं. अगर नाला में बाढ़ आती है तो उनकी पूरी फसल पानी में बह जाएगी और उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा. किसानों ने बताया कि बांध टूटने से निचले इलाकों के किसानों को काफी नुकसान होना तय है.

डैम बनाने वालों की लापरवाही के कारण बांध टूटा है. डैम की देखरेख भी नहीं की गई. अधिकारियों की लापरवाही है. शासन को भी इसमें ध्यान देने की जरूरत है-टीकाराम विश्वकर्मा, ग्रामीण

सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण बांध टूटा है. सिंचाई विभाग के अधिकारी से जानना चाहते हैं कि अब हम क्या करें. पानी को भरकर रखा गया.-पवन कुमार नेताम, ग्रामीण

अधिकारी का दावा, किसानों को कोई नुकसान नहीं: राजाडेरा जलाशय टूटने की खबर फैलते ही आसपास गांव के लोग टूटे हुए बांध को देखने पहुंचने लगे. बांध के पानी के तेज बहाव के कारण लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है. जल संसाधन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे है और लोगों के गुजरने वाले रास्तों को सील कर दिया है. जल संसाधन विभाग के एसडीओ रविन्द्र कुंजाम ने बताया कि जलाशय की कुल क्षमता लाइव स्टोरेज कैपिसिटी 7.43 MCM है. जलाशय में जल भराव 28 से 29 फीट भरा है. उन्होंने बताया कि टेल एरिया के पास बांध का कुछ हिस्सा धंसा हुआ दिखाई दे रहा था. जिसकी मरम्मत की तैयारी की जा रही थी. लेकिन अचानक बांध का टेल एरिया टूट गया. जिसकी जानकारी उच्च अधिकारी को दी गई है. निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.

Related Articles

Back to top button