ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
उत्तरप्रदेश

तिगरी मेले में उमड़ी आस्था: 30 लाख श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, अमरोहा में कई प्रमुख रास्तों पर एंट्री बंद

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तिगरी गंगा धाम पर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले ऐतिहासिक मेले (अर्धकुंभ) में मुख्य स्नान कल यानी 5 नवंबर को होगा, जहां इस स्नान के दौरान 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है तो वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा में चार हजार पुलिस के जवानों के साथ-साथ ATS, डॉग स्क्वायड, इंटेलीजेंस को भी लगाया गया है. यही नहीं एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी चप्पे-चप्पे पर लगाए गए हैं, जिनसे निगरानी की जा रही है. साथ ही अमरोहा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद भी खुद मेले में सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर पैदल ही गस्त कर रहे हैं.

वहीं कार्तिक पूर्णिमा पर 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना को लेकर हाईवे पर भी भारी वाहनों व कॉमर्शियल वाहनों को रोका गया है या फिर रूट डायवर्जन के अनुसार हाईवे से अलग अन्य मार्गों से जाने का प्लान तैयार किया गया है. दिल्ली से मुरादाबाद की तरफ आने या फिर जाने वाले वाहनों को संभल, बहजोई, स्याना, गुलावटी होते हुए आने-जाने का मार्ग तय किया है. यहीं नहीं रूट डायवर्जन के साथ हाईवे पर भी भरी पुलिस बल तैनात किया किया गया है.

यूपी सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया

त्रेता युग से शुरू हुई मेले की परंपरा आज के युग में संसाधनों के साथ अर्धकुंभ का रूप ले रही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले इस मेले को उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय मेला भी घोषित कर दिया है, क्योंकि कुंभ के बाद एक यही ऐसा मेला है, जिसको कुंभ की तर्ज पर लगाया जाता है और सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर 15 दिन के लिए लगने वाले इस मेले में बाकायदा तंबुओं का शहर बसाया जाता है. लोग यहां परिवार सहित तंबुओं के इन आसियानों में रहते हैं. यहीं सोते हैं और गंगा में स्नान कर काली दाल की खिचड़ी का सेवन भी करते हैं.

मेले में दीपदान करते हैं श्रद्धालु

महाभारत काल से इसी मेले में दीपदान की प्रथा भी शुरू हुई. बताया जाता है कि महाभारत युद्ध के दौरान मारे गए कुल के लोगों और सैनिकों की आत्मा शांति को पांडवों से भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा घाट पर दीपदान कराया था, जिससे युद्ध में मारे गए सभी लोगों की आत्मा को शांति मिल सके. तबसे की इस प्रथा को आमजन ने अपने जीवन का एक कर्तव्य बना लिया और आमजन भी कार्तिक पूर्णिमा स्नान से एक दिन पहले परिवार में मरने वाले सदस्य की आत्मा शांति को दीपदान करने लगे.

Related Articles

Back to top button