ब्रेकिंग
Husband-Wife Dispute: ग्वालियर में पति पर ईंट से हमला; पत्नी बॉयफ्रेंड के साथ रहने के लिए बना रही थी... Vidisha Shocking News: बेटे की लाश के पास बाइबल रखकर 5 दिन तक प्रार्थना करती रही मां; मौत का राज जान... Jabalpur Suicide Case: पत्नी की दूसरी बातचीत से परेशान पति ने लगाया फंदा; परिजनों ने की सख्त कार्रवा... Supreme Court Verdict: चुनाव आयोग के पास है वोटर लिस्ट में SIR कराने का पूरा अधिकार; SC ने याचिकाएं ... सांसद मालविंदर कंग ने एमसी चुनावों में वोटरों से आप उम्मीदवारों की भारी जीत पक्की करने की अपील की Ghaziabad Electric Car Fire: चार्जिंग के दौरान ई-कार में भीषण आग; बिल्डिंग में फंसे 17 लोग, बाल-बाल ... Anu Meena Case Update: डिजिटल सबूतों से घिरे एक्सईएन पति; अनु मीणा आत्महत्या मामले में पुलिस की जांच... Mumbai Bakrid Controversy: हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी पर विवाद; BMC ने घाटकोपर की सागर पार्क सो... Bengaluru News: मकान मालिक ने तोड़ा भरोसा; दिव्यांग महिला से की लाखों की चोरी, पुलिस ने दंपति को दबोच... Asaram Bapu Case: राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार, सरेंडर के आदेश
छत्तीसगढ़

अबूझमाड़ मैराथन: माड़ को मिलेगी वैश्विक पहचान, मंत्री केदार कश्यप ने किया पोस्टर विमोचन

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित, दुर्गम और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर अबूझमाड़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया गया है. अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का आयोजन जनवरी में किया जा रहा है. जिसमें देशभर के धावक हिस्सा लेने पहुंचेंगे. नारायणपुर जिले के खोड़गांव में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और विधायक केदार कश्यप ने अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 के पांचवें संस्करण का पोस्टर विमोचन किया.

अबूझमाड़ मैराथन कब: आगामी 25 जनवरी 2026 को अबूझमाड़ मैराथन आयोजित की जाएगी. 21 किलोमीटर की इस दौड़ में शामिल होने देशभर के धावक पहुंचेंगे. आयोजकों के मुताबिक, यह प्रतियोगिता अबूझमाड़ की पर्वत श्रृंखलाओं और प्राकृतिक सौंदर्य से गुजरते मार्गों पर आयोजित होगी, जिससे प्रतिभागी यहां का वातावरण महसूस कर सकेंगे. विजेताओं को लाखों रुपयों का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

पीस हाफ मैराथन का उद्देश्य: कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ केवल छत्तीसगढ़ का नहीं बल्कि पूरे भारत का गौरव है. यहां की अनूठी जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं, झीलें, झरने और घने वन दुनिया को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं. उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का यह पांचवां संस्करण अबूझमाड़ की शांति, एकता और संस्कृति का प्रतीक बनेगा. अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का उद्देश्य माड़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है.

मंत्री की अपील: मंत्री केदार कश्यप ने जिले के युवाओं से अपील की कि वे इस आयोजन को उत्सव के रूप में मनाएं और बड़ी संख्या में सहभागिता दिखाएं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन अबूझमाड़ की सकारात्मक छवि को सशक्त बनाते हैं और क्षेत्र के विकास में नई ऊर्जा का संचार करते हैं.

लगभग 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला अबूझमाड़ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर का प्रतीक है. अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के माध्यम से इस क्षेत्र की सुंदरता, संस्कृति और जनजीवन को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकेगी. यह आयोजन न सिर्फ खेल और फिटनेस को प्रोत्साहित करेगा बल्कि अबूझमाड़ की शांति और सामाजिक एकता का संदेश भी पूरी दुनिया तक पहुंचाएगा.

Related Articles

Back to top button