लोहरदगा में लॉकडाउन का हो रहा उल्लंघन, सीमा सील होने के बावजूद बाहर से आ रहे लोग

लोहरदगा। लॉकडाउन की परवाह किए बगैर जिले की सीमाओं को लांघ लोहरदगा पहुंच रहे लोगों ने शहर से लेकर गांव तक के लोगों को मुसीबत में लाकर खड़ा कर दिया है। पिछले 14 अप्रैल से पहले जो नहीं हुआ था वह अब लोहरदगा में होने लगा है। लोहरदगा में 14 अप्रैल से पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर दिन एक-दो लोगों का सैंपल ही जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा था। अब तो जैसे बाढ़ आ चुकी है। यहां से हर दिन 10 से लेकर 24 लोगों का सैंपल जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है।
जिले की सीमा सील होने के बावजूद लोहरदगा पहुंच रहे लोग
सवाल उठ रहा है कि आखिर कैसे लॉकडाउन में जिले की सीमाओं के सील होने के बावजूद लगातार लोग लोहरदगा तक पहुंच रहे हैं। चिंता तो तब होती है जब रांची के हिंदपीढ़ी ऐसे हॉटस्पॉट से मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर प्रशासन को धोखा देकर चोरी-छुपे आधा दर्जन लोग वाहन के जरिए लोहरदगा आते हैं। इसके साथ लोग पांव-पैदल भी लोहरदगा तक पहुंच जा रहे हैं। हाल के दिनों में रांची, रामगढ़, सिमडेगा, हजारीबाग जैसे कई जिलों से लोग लोहरदगा पहुंचे हैं। यह तमाम जिले कोरोना वायरस से संक्रमित और प्रभावित जिलों में आते हैं, फिर भी लोगों का बेखौफ आना निरंतर जारी है। हिंदपीढ़ी जैसे हॉटस्पॉट से भी कई लोगों का लोहरदगा आना हुआ है। ऐसे में रांची के हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी से लोहरदगा पहुंचे लोगों के जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन भी चिंतित है कि आखिर लोग जानबूझकर ऐसी लापरवाही क्यों कर रहे हैं।
मेडिकल पास की उड़ाई जा रही धज्जियां
लोहरदगा जिले की सीमाओं को सील करते हुए लगातार बाहर से आने वालों को क्वॉरंटाइन किया जा रहा है। धड़ाधड़ सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। बावजूद इसके न तो आदतें सुधर रही है और न ही दूसरों की जान खतरे में डालने की लापरवाही ही कम होती दिखाई दे रही है। हद तो तब है जब मेडिकल पास के सहारे लोग कानून की धज्जियां उड़ा दे रहे हैं। इससे तो जिला प्रशासन का विश्वास भी डगमगाएगा ही।






