ब्रेकिंग
Tamil Nadu Government Jobs: टीवीनके सरकार का बड़ा फैसला, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऊपरी आयु सीमा मे... Rajasthan Education News: मदन दिलावर के फरमान से सरकारी टीचर्स की बढ़ी मुश्किलें, बिना बजट दीपावली प... UP PCS Transfer News: पीलीभीत में वोटर लिस्ट गड़बड़ी मामले के बाद दो SDM समेत 11 पीसीएस अधिकारियों क... Mumbai Model Honey Trap Case: मशहूर मॉडल पर कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर 1.39 करोड़ रुपये वसूलने... Lucknow Murder Case: RSS कार्यकर्ता समेत परिवार के 3 सदस्यों की हत्या पर गरमाई सियासत, DGP और ACS हो... Lucknow Terror Plot Busted: यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर रची जा रही टारगेट किलिंग की ... Chamoli Helicopter Crash: बदरीनाथ से लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लो... Hisar Murder News: HAU लेबर कॉलोनी में 20 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या, सिर पर ईंट-रॉड से वार कर उ... Haryana Crime News: कुरुक्षेत्र फायरिंग कांड में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, मुख्य आरोपी रिमांड पर औ... Ballabgarh News: बल्लभगढ़ की गली में दो सांडों की खौफनाक लड़ाई का वीडियो वायरल, जान बचाने के लिए घरो...
छत्तीसगढ़

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी: अवैध परिवहन करते 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त

रायपुर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है. एमएसपी पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही अवैध परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है. पिछले एक नवंबर से 16 नवंबर तक लगभग 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त किया गया है.

सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और टॉस्कफोर्स: इस बार मार्कफेड ने राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स बनाए हैं. इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी भी की जा रही है.

15 दिनों में अवैध धान परिवहन का आंकड़ा: मार्कफेड के जारी आंकड़ों के अनुसार 1 नवंबर से 16 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान में सबसे ज्यादा महासमुंद जिले में 4266 क्विंटल धान जब्त किया गया है.

जिला जब्त धान जिला जब्त धान जिला जब्त धान
बलरामपुर 4139 क्विंटल बलौदाबाजार 386 क्विंटल रायपुर 84 क्विंटल
सूरजपुर 1750 क्विंटल कोरिया 253 क्विंटल धमतरी 72 क्विंटल
रायगढ़ 1201 क्विंटल खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 250 क्विंटल बेमेतरा 32 क्विंटल
जशपुर 1157 क्विंटल सरगुजा 240 क्विंटल दुर्ग 38 क्विंटल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 967 क्विंटल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 228 क्विंटल मोहला-मानपुर-चौकी 27 क्विंटल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ 687 क्विंटल सक्ती 137 क्विंटल कोण्डागांव 869 क्विंटल
राजनांदगांव 607 क्विंटल जांजगीर-चांपा 119 क्विंटल दंतेवाड़ा 220 क्विंटल
मुंगेली 490 क्विंटल कवर्धा 90 क्विंटल बस्तर 218 क्विंटल
बिलासपुर 273 क्विंटल कोरबा 85 क्विंटल सुकमा 130 क्विंटल

दिन रात हो रही धान के अवैध परिवहन पर निगरानी: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पहले प्रदेश में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्त निगरानी जारी रखते हुए रविवार को दो महत्वपूर्ण कार्रवाईयां की गईं. मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से मिले 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान संबंधी अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोंडागांव जिले की टीम ने मौके पर पहुंचकर धान जब्त किया. सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है.

रात्रि गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली, थाना सनवाल क्षेत्र में अशोक सिंह के घर के बाहर बने शेड में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 222 कट्टा धान पाया गया. विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में पुनः तहसीलदार रामचंद्रपुरपुर, थाना प्रभारी सनवाल, महिला पुलिस, और मंडी कर्मचारियों की मौजूदगी में विस्तृत जांच की गई और धान की विधिवत जब्ती की कार्रवाई पूरी की गई. शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा.

धान के अवैध परिवहन की रियल टाइम निगरानी: खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है. साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन की तरफ से निगरानी रखी जा रही है.

मार्कफेड (MARKFED) क्या है: मार्कफेड यानी राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेडय यह राज्यों में किसानों के लिए काम करने वाली एक महत्वपूर्वण संस्था है. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, उर्वरक, कीटनाशक बांटने और न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत फसलों की खरीद करने में मदद करना है.

Related Articles

Back to top button