शहडोल में सजा मछलियों का संसार, जानिए फिशरीज सब्जेक्ट में कितना है स्कोप
शहडोल: संभाग में पहली बार 18 से 22 नवंबर तक फिश प्रदर्शनी का आयोजन होने जा रहा है. पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी का मत्स्य विज्ञान विभाग ये आयोजन करने जा रहा है. जिसमें मछलियों को लेकर बहुत कुछ खास रहने वाला है. इस प्रदर्शनी में अलग-अलग प्रकार की रंग-बिरंगी मछलियां और उनका जीवन काल तो प्रदर्शित किया ही जाएगा. साथ ही कई प्रकार के ऐसे जलीय पौधे भी इंट्रोड्यूस किए जाएंगे, जो आपके आय का अच्छा साधन बन सकती है.
जिनसे अच्छी खासी आय कमाई जा सकती है, एक अलग ही प्रकार के इस फिश प्रदर्शनी में और भी बहुत कुछ खास रहने वाला है. अगर आप इस सेक्टर में किसी नए स्टार्टअप की तलाश में हैं तो ये जगह बिल्कुल आपके लिए ही है, क्योंकि यहां आपके लिए भी बहुत कुछ खास रहने वाला है.
शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी में सजेगा मछलियों का संसार
शहडोल संभाग में पहली बार पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी का फिशरीज डिपार्टमेंट फिश प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है. ये प्रदर्शनी पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी के ओल्ड कैंपस में लगने जा रही है. जिसमें अलग-अलग प्रकार की रंग बिरंगी मछलियों का पूरा संसार बसाया जाएगा. जिसे लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया भी जाएगा.
कई दिग्गज बताएंगे सफलता की कहानी
इसके अलावा 35 प्रकार के जलीय पौधे, फिश लाइव फूड, फिश वैल्यू एडेड उत्पाद स्वरोजगार, स्टार्टअप और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जो आम पब्लिक के लिए बहुत खास होने वाला है. एक तरह से कहा जाए तो यहां मछलियों का संसार ही बसाया जाएगा. जिसमें कई ऐसे दिग्गज भी पहुंचेंगे, जो अपनी सफलता की कहानी भी बताएंगे. जो इस क्षेत्र में सफल भी हुए हैं और आज अच्छे खासे नए स्टार्टअप के साथ पैसे भी कमा रहे हैं.
फिश प्रदर्शनी का क्या है मकसद?
शहडोल स्थित पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी के फिशरीज डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर वंदना राम बताती हैं कि “हमने ये अवेयरनेस प्रोग्राम रखा है. जिसे फिशरीज अवेयरनेस एंड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम दिया गया है. जिसके अंतर्गत हम लोग फिशरीज सब्जेक्ट से रिलेटेड और उसकी अपॉर्चुनिटी से रिलेटेड कितने कोर्सेज चल रहे हैं, कोर्स में आगे जाकर बच्चे क्या-क्या कर सकते हैं, उसके बारे में बताया जाएगा.”
फिशरीज सब्जेक्ट में कितना स्कोप?
फिशरीज सब्जेक्ट की पढ़ाई करने वालों के लिए कितना स्कोप है, इसे लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर वंदना राम बताती हैं कि “अब जो न्यू एजुकेशन पॉलिसी है, जिसमें पूरा स्किल बेसिस पढ़ाई है. इसके लिए आप आगे जाकर किस तरह से अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे और किस तरह का बिजनेस कर सकते हैं. यह सब्जेक्ट स्किल बेस्ड है.
इसलिए सब्जेक्ट प्रैक्टिकल आपको सब कुछ सीखना है कि किस तरह आप इस सब्जेक्ट की पढ़ाई करने के बाद घर बैठे अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं. बिजनेस खड़ा कर सकते हैं, जो ऑलरेडी हमारे यूनिवर्सिटी के बच्चों ने शुरू भी कर दिया है.”
मेडिकल इंडस्ट्री से लेकर कॉस्मेटिक इंडस्ट्री तक भारी डिमांड
उन्होंने आगे बताया कि “अगर आप यह सोचते हैं कि फिशरीज मतलब सिर्फ मछली है तो ऐसा नहीं है. इसकी पढ़ाई में पानी से जुड़ी हुई किसी भी चीज के लिए पढ़ाई कराई जाती है, उससे पैसे भी कैसे बनाए जा सकते हैं. जैसे मछली पालन किया तो मछली निकाला और बेच दिया, लेकिन आप इस दिशा में भी सोचिए कि उसके कितने प्रोडक्ट्स बनाए जा सकते हैं. उसको सूखा करके पाउडर बनाकर मेडिकल इंडस्ट्री में भारी डिमांड है. कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में अच्छी खासी डिमांड है, इन सब के बारे में तो लोगों को पता ही नहीं है.”
फिश को लेकर ऐसे नए-नए स्टार्टअप
मछलियों का पूरा लाइफ साइकल ही डेमोंस्ट्रेट किया जाएगा, इसके लिए उसे डिस्प्ले करके दिखाया भी जाएगा. फिश को लेकर कई ऐसे नए-नए स्टार्टअप हैं, जिसे युवा शुरू कर सकते हैं. कई ऐसे वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट्स हैं, जिन्हें बनाया जा सकता है. फिश की वेफर्स है, चिप्स से पकोड़े हैं, अचार हैं. यह सारी चीजें अब बन रहे हैं, इस पर भी स्टार्टअप शुरू हो सकता है.
मछलियों के बारे में मिलेगी जानकारी
अगर आप मछलियों को लेकर इंटरेस्टेड हैं तो इस प्रदर्शनी में अलग-अलग प्रकार की कई रंग बिरंगी मछलियों के बारे में बताया जाएगा. इस प्रदर्शनी में अच्छी खासी जानकारी आपको मिल सकती है, क्योंकि यहां मछलियों के दिग्गजों का जमावड़ा लगने जा रहा है. इसके अलावा 35 ऐसे एक्वेटिक प्लांट्स की वैरायटी है उनका भी डेमोंसट्रेशन किया जाएगा.पंडित शंभूनाथ शुक्ल यूनिवर्सिटी के ओल्ड कैंपस में 18 से 22 नवंबर तक प्रदर्शनी लगाई जाएगी. वहीं 19 से 21 नवंबर के बीच आम नागरिकों के लिए भी खोल दी जाएगी. जोकि 12:30 बजे दोपहर से लेकर के शाम को 4 बजे तक खुला रहेगा. जहां आम नागरिक मछलियों के संसार का आनंद ले सकता है, नई-नई जानकारियां जुटा सकता है. कुछ नया स्टार्टअप करना चाहता है, तो उसके बारे में जानकारी ले सकते हैं. मछलियों से जुड़े और नए-नए स्टार्टअप कर रहे दिग्गजों से भी मुलाकात कर सकते हैं और अपने नए स्टार्टअप शुरू करने को लेकर ट्रेनिंग भी ले सकता है.






