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दिल के मरीजों के लिए राहत भरी खबर! GMSH-16 में होने जा रहा अपग्रेड

चंडीगढ़: अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जल्द ही जी.एम.एस.एच-16 की इमरजेंसी में आने वाले दिल के मरीज़ों का इलाज और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। फिलहाल, अगर कोई मरीज़ हार्ट अटैक की स्थिति में आता है तो उसे शुरुआती उपचार देकर पी.जी.आई. रेफर किया जाता है, जहां उसे एडवांस लेवल का इलाज मिलता है। सेक्टर-16 अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं, फिर भी डॉक्टर मरीज़ को स्थिर करके आगे भेजते हैं। दिल के इन मरीज़ों के लिए 6 बेड का सी.सी.यू. है, जिसे अब और अपग्रेड करने की योजना है।

सी.सी.यू. और अन्य ब्लॉक में सुधार, मरीज़ों को मिलेगी अधिक प्राइवसी
हेल्थ डायरेक्टर डॉ. सुमन सिंह के अनुसार, एक्सटेंशन मिलने के बाद कुछ और सुविधाओं को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसमें सी.सी.यू. भी है। कोशिश है कि सुविधाओं को बढ़ाया जाए और मरीज़ों को थोड़ी प्राइवसी दी जा सके। ज़रूरत पडऩे पर बेड भी बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गायनी विभाग में भी सुधार किए गए हैं—जहां पहले बेडों के बीच कोई प्राइवसी नहीं थी, अब परदे लगाए गए हैं। गर्मी-सर्दी को देखते हुए वेंटिलेशन और एयर-कंडीशनिंग भी की गई है।

इमरजेंसी का रिनोवेशन पहले ही किया जा चुका है
डॉ. सिंह ने बताया कि कुछ महीने पहले ही इमरजेंसी का रिनोवेशन किया गया है। यहां रोज़ाना 250 से 300 मरीज़ आते हैं, जबकि डेंगू-वायरल के दिनों में यह संख्या और बढ़ जाती है। व्हीलचेयर, ट्रॉली या कुर्सियों पर भी मरीज़ों को ड्रिप लगाकर मैनेज किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बदलाव पहले भी किए गए थे, लेकिन पहली बार इमरजेंसी ब्लॉक को बढ़ाया जा रहा है। इससे बेड बढ़ेंगे और पीक सीजऩ में ज़्यादा मरीज़ों को ट्रॉलियों पर लिया जा सकेगा। कई बार एक समय में करीब 100 मरीज़ भर्ती रहते हैं और बाकी ट्रॉली पर।

लंबी लाइनों की समस्या होगी खत्म
जी.एम.एस.एच-16 अब हाई-टेक और डिजिटल बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। अस्पताल में नया हाई-टेक नेटवर्क सिस्टम लगाया जा रहा है। अब मरीज़ों को रिपोर्ट के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा—जांच रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल या ईमेल पर भेजी जाएगी। इससे समय बचेगा और अस्पताल में भीड़ कम होगी। डॉ. सिंह के अनुसार, एल.ए.एन. का टेंडर पूरा हो चुका है और यह डिजिटल प्रोजेक्ट अगले तीन महीनों में पूरी तरह लागू हो जाएगा। लक्ष्य है कि अस्पताल को पेपरलेस बनाया जाए ताकि डॉक्टरों को मरीजों का पूरा रिकॉर्ड तुरंत मिल सके।

मरीज़ों को बड़ी राहत—20 नए बेड, इमरजेंसी ब्लॉक का विस्तार
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अस्पताल प्रशासन मौजूदा इमरजेंसी ब्लॉक का विस्तार कर रहा है, जिसके तहत 20 नए बेड जोड़े जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने मंजूरी दे दी है। यह विस्तार लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से होगा और इसे 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। नया ब्लॉक मौजूदा इमरजेंसी बिल्डिंग के पास खाली पड़ी पार्किंग की जगह पर बनाया जाएगा।

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