ब्रेकिंग
₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही... अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सोनीपत में मिल रही थी रंगदारी व जान से मारने की धमकी, 7 मही... 'पढ़ेगा इंडिया' के दावों की खुली पोल: प्रतापगढ़ में पेड़ के तने के सहारे नाला पार करने को मजबूर मासू...
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में कैसे टूटी नक्सलियों की कमर? वो 3 ऐसे फैक्टर जिससे करने लगे सरेंडर

बालाघाट : मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई जिले, जो कभी लाल आतंक के खौफ से दहल जाते थे, जहां माओवादियों बंदूक की दम पर अपना एकाधिकार स्थापित करना चाहते थे, अब वहां परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जारी की गई डेडलाइन के बाद नक्सली पूरी तरह बैकफुट पर आ गए है. इसके अलावा हॉक फोर्स द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन ऑपरेशन का भी असर दिखने लगा है.

बालाघाट और आसपास नक्सलियों का सरेंडर

हाल ही में मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सली सुनीता ने आत्मसर्पण किया था. अब बालाघाट में सक्रिय रहे धनुष और उसकी पत्नी ने छत्तीसगढ़ में सरेंडर किया है. इस प्रकार नक्सली अब सरेंडर की राह पर चल पड़े हैं. माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के मेंबर रामदेर के साथ 15 नक्सली बालाघाट आए थे, जिनकी आधी टीम अब खाली हो चुकी है. इसके बाद इसी टीम में सक्रिय रहे नक्सली कपल ने भी अब समर्पण की राह चुनी है. दोनों ने छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ के बकरकट्टा थाने में सरेंडर किया है.

नक्सली धनुष पर 14 लाख इनाम घोषित था

सरेंडर करने वाले धनुष और उसकी पत्नी रोनी उर्फ तुले दोनों 25 वर्ष के हैं. धनुष पर सरकार ने 14 लाख का इनाम रखा था. ये नक्सली कपल जीआरबी डिवीजन के टांडा मलाजखण्ड दलम के सदस्य थे, जो कई नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. विगत 20 मई को बिलालकसा के जंगल में हुई मुठभेड़ मे धनुष भी शामिल था. नक्सली कपल ने सरेंडर करते हुए कहा है “अब वे सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं. दोनों नक्सली सीसी मेंबर रामदेर के साथ बालाघाट आए थे. जो जनवरी 2025 से एमएमसी जोन में सक्रिय थे.”

फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है नक्सली धनुष

सरेंडर करने वाला नक्सली धनुष संगठन में टेक्नीकल काम संभालता था. उसे हिंदी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी है और वह कंम्प्यूटर सहित अन्य दूसरी चीजों की भी गहरी जानकारी रखता है. नक्सली धनुष न केवल फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है बल्कि जबरदस्त स्पीड के साथ वह टायपिंग भी करता है. धनुष के सरेंडर के बाद बालाघाट में एंटी नक्सल ऑपरेशन के एडिशनल एसपी आदर्शकान्त शुक्ला ने बताया “धनुष नक्सल साहित्य, प्रेस नोट, और मैगजीन प्रभात के लिए कंटेट राईटिंग का काम करता था.”

सरकार ने तय की है मार्च 2026 तक डेडलाइन

धनुष की पत्नी रोनी उर्फ तुले सीसी मेंबर रामदेर के साथ काम कर चुकी है. वहीं, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में नक्सलियों के बड़े नेताओं द्वारा बड़ी संख्या में नक्सलियों के साथ सरेंडर किया जा रहा है. मार्च 2026 नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे की तारीख पहले ही गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित कर दी गई है. लगता है इस तारीख से पहले ही नक्सलवाद देश से पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़) में तीनों राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन जारी है. ऐसे में नक्सलियों पर काफी दबाव बढ़ गया है.

नक्सलियों ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने की लगाई गुहार

नक्सलियों ने पहले एक प्रेस नोट जारी कर समय मांगते हुए जवानों द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन को रोकने की मांग की थी, उसके बाद फिर नक्सलियों की तरफ से समय दिये जाने की अपील की गई है. लेकिन सरकार की तरफ से फिलहाल नक्सलियों द्वारा मांगी गई मोहलत पर कोई विचार नहीं किया गया है और न ही किसी तरह का जवाब दिया गया है. मध्य प्रदेश के बालाघाट में सरकार ने एक होनहार हॉक फोर्स निरीक्षक को खोया है. ऐसे में प्रदेश सरकार किसी तरह से नक्सलियों से बातचीत के मूड में फिलहाल नजर नहीं आ रही है.

Related Articles

Back to top button