ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ...
देश

संघ प्रमुख मोहन भागवत 26 अप्रैल को स्वयंसेवकों को ऑनलाइन करेंगे संबोधित

रांची। आरएसएस के सरसंघचालक डाॅक्टर मोहन भागवत 26 अप्रैल रविवार शाम पांच बजे स्वयंसेवकों को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। वे वर्तमान परिदृश्य एवं हमारी भूमिका विषय पर अपनी बात रखेंगे। इसे यूट्यूब और आरएसएस के फेसबुक पेज पर सुन सकते हैं। देश में कोरोना संकट के कारण गंभीर संकट है। वर्तमान परिदृश्‍य को देखते हुए मोहन भागवत बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे। इन कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने एवं वर्तमान स्थिति पर संघ की बात रखने के लिए आरएसएस के सरसंघचालक डाक्टर मोहन भागवत 26 अप्रैल रविवार शाम पांच बजे स्वयंसेवकों को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। इससे पहले भी वर्षप्रतिपदा के दिन संघ प्रमुख ने ऑनलाइन स्वयंसेवकों को संबोधित किया था।

3.10 करोड़ लोग व 38 लाख परिवारों तक पहुंचे संघ के स्वयंसेवक

सारा देश आज वैश्विक संकट कोरोना वायरस से उत्पन्न चुनौती का सामना करने में जुटा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी समाज के साथ मिलकर अपना योगदान दे रहे हैं। पूरे देश में संघ के तीन लाख से अधिक कार्यकर्ता 3.10 करोड़ लोगों को भोजन एवं  38 लाख से अधिक परिवारों में कच्चा राशन पह़ुंचाने का काम कर चुके हैं। म्यांमार व बांग्लादेश सीमा से लेकर पाकिस्तान सीमा व जम्मू से लेकर कन्याकुमारी तक संघ की ओर से 46000 से अधिक राहत कैंप खोले गए हैं।

धर्म व जाति का बिना कोई भेद किए लोगों की हर तरह से मदद कर रहे हैं। संघ का संस्कार ही है कि झारखंड के गोड्डा में सुबोध हरिजन नाम के ऐसे स्वंयसेवक हैं जिनके घर पर दो शाम का भोजन नहीं है और वे दूसरे को राशन पहुंचाने में रात दिन लगे हैं। अब तक पहाड़ों के ऊपर रहने वाले आदिवासियों के परिवारों को 2500 राशन पैकेट पहुंचा चुके हैं। वे रात दिन इसी चिंता में लगे रहते हैं कि किसी परिवार को भूखे नहीं सोना पड़े। इसमें उनकी कुछ और स्वयंसेवक मदद कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button