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छत्तीसगढ़

बीजापुर के ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या, मोबाइल टावर की मांग

बीजापुर : बीजापुर जिले के कुटरू तहसील अंतर्गत बेदरे गांव में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा बदहाल स्थिति में है. ग्रामीणों ने नेटवर्क की सुविधा की मांग को लेकर बीजापुर कलेक्टर को लिखित में आवेदन दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि संचार सुविधाओं के अभाव में गांव के लोग रोजमर्रा की आवश्यक सेवाओं से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

बीएसएनएल का टावर तीन महीने से बंद

ग्रामीणों ने आवेदन में लिखा है कि बेदरे गांव प्रमुख केंद्र है,जहां पुलिस थाना भी है.लेकिन इसके बाद भी मोबाइल टावर स्थापित नहीं हो सका है. पहले गांव में बीएसएनएल टावर संचालित था, लेकिन तेज बारिश और तूफान के कारण वो क्षतिग्रस्त हो गया. बीते तीन महीनों से ये टावर पूरी तरह बंद है. इस समस्या की जानकारी पूर्व में सरपंच ने विभाग को दी थी,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

Network problem in rural area

नेटवर्क नहीं रहने से कई तरह की परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा को समय पर कॉल नहीं लग पाती, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है. इसके अलावा पुलिस, प्रशासन और अन्य जरूरी सेवाओं से संपर्क भी बाधित हो जाता है, जो एक गंभीर समस्या है. इंटरनेट सुविधा के अभाव का असर डिजिटल सेवाओं पर भी साफ नजर आ रहा है.

सीएसएसी सेंटर भी ठप

गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) जैसी सुविधाएं प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं. जिससे ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं, मनी ट्रांसफर, ऑनलाइन आवेदन, पेंशन, राशन और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित डिजिटल कार्यों के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता है. इससे न केवल समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि ग्रामीणों को अतिरिक्त मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है.

ग्रामीणों ने नया टावर लगाने की मांग की

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम बेदरे में नया टावर स्थापित कराया जाए.यदि नया टावर नहीं लगा सकते तो पुराने बीएसएनएल टावर को सुधार करके 4जी और 5जी सेवाएं बहाल कराई जाए, जिससे संचार व्यवस्था सुचारु हो सके.

इस आवेदन पर ग्रामवासी, पुलिस थाना बेदरे के प्रतिनिधि और क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ के अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस जायज मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाता है. संचार सुविधा के बिना विकास की कल्पना अधूरी है, और ग्राम बेदरे के लोग अब इस बुनियादी सुविधा के लिए प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.

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