एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड विवाद: सदन में भाजपा विधायक बनाम सरकार, जांच की मांग

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में एपीएल राशन कार्ड को बीपीएल में बदलने का मामला गरमा गया. भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल उठाते हुए अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया. मामले को गंभीर बताते हुए सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया.
भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला का सरकार पर सीधा हमला
भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन में सवाल किया “क्या एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड डिलीट कर नए कार्ड बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की ओर से एफआईआर भी दर्ज की गई है, जो पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाती है. शुक्ला ने मंत्री पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए गलत जानकारी देने की बात कही.
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल का जवाब
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा “एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड में किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि कुल 19 राशन कार्डों में गड़बड़ी सामने आई थी, जिनमें से 4 राशन कार्डों के मामले में जांच के बाद कार्रवाई की गई. मंत्री ने कहा कि जोन क्रमांक-4 के जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर यह कार्रवाई हुई है.
जांच की मांग, एफआईआर का जिक्र
सुशांत शुक्ला ने दोहराया कि इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज होना खुद संदेह को मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि जब एफआईआर हुई है, तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि गलती किस स्तर पर हुई और जिम्मेदार कौन है.
अजय चंद्राकर की मांग-आधे घंटे की चर्चा तय हो
वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि कल इस विषय पर कम से कम आधे घंटे की चर्चा निर्धारित की जाए, ताकि सभी पहलुओं पर स्पष्टता आ सके.
धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक का कड़ा रुख
विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि यह मामला साधारण नहीं है और इसकी जांच विधानसभा कमिटी या हाई पावर कमिटी से कराई जानी चाहिए. वहीं धरमलाल कौशिक ने कहा कि मंत्री ने पहले सभी आरोपों से इनकार किया और अंत में जांच की बात कही. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों के गलत इनपुट के आधार पर मंत्री सदन में जवाब दे रहे हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. कौशिक ने स्पष्ट कहा कि विधानसभा में गलत जानकारी देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड विवाद ने सत्ता पक्ष के भीतर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच की मांग और चर्चा के ऐलान के साथ यह मुद्दा आने वाले सत्रों में भी सदन की राजनीति को गर्माए रखने के संकेत दे रहा है.






