सुकमा: धान खरीदी में अनियमितता का आरोप, 22 को NH जाम, तोंगपाल से कोंटा तक खरीदी केंद्रों के सामने प्रदर्शन

सुकमा: धान खरीदी व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं और किसानों की लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. कवासी ने कहा कि जिले के किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बीते दिनों जिले में संचालित धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करने गए थे, जहां कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं.
किसानों से सिर्फ 7 से 8 क्विंटल तक धान खरीदी
हरीश कवासी ने कहा कि इस वर्ष जिले में धान की पैदावार अच्छी हुई है, इसके बावजूद धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए खरीदी की सीमा बेहद कम रखी गई है. वर्तमान में जिले के अधिकांश धान खरीदी केंद्रों में किसानों से मात्र 7 से 8 क्विंटल तक ही धान खरीदी की जा रही है. इसके कारण किसान अपनी पूरी उपज बेचने में असमर्थ हैं और उन्हें मजबूरी में धान खुले बाजार में कम दामों पर बेचने या फिर भंडारण करने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
वनभूमि पट्टाधारक किसानों से नहीं खरीदा जा रहा धान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि कई धान खरीदी केंद्रों में किसानों से हमाली के नाम पर प्रति बोरा 5 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा वनभूमि पट्टाधारक किसानों से इस वर्ष धान खरीदी नहीं की जा रही है. जिले के अधिकांश आदिवासी किसानों के पास केवल वनभूमि पट्टा ही है, लेकिन रकबा शून्य या लंबित दिखाकर उन्हें खरीदी से वंचित किया जा रहा है.
कांग्रेस ने किसानों की समस्या को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, लेकिन नहीं लिया गया संज्ञान
हरीश कवासी ने कहा कि इन सभी समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने 15 दिसंबर को सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और धान खरीदी केंद्रों में हो रही गड़बड़ियों से अवगत कराया गया था. लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी न तो खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई है और न ही किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान किया गया है.

प्रदेश की बीजेपी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 15 नवंबर से पूरे राज्य में धान खरीदी जारी है और लगभग एक महीने से अधिक का समय हो चुका है. सरकार ने वादा किया था कि हर किसान का धान खरीदा जाएगा, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा और एकमुश्त राशि दी जाएगी, लेकिन हकीकत में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
धान खरीदी में लिमिट लगाकर की जा रही खरीदी
हरीश कवासी ने बताया कि छिंदगढ़ और कोडरीपाल जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक धान की खरीदी होती है, लेकिन यहां भी लिमिट लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है. यदि समय रहते धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाती और वनभूमि पट्टों के तहत धान खरीदी की जाती, तो किसानों को सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती.
22 दिसंबर को कांग्रेस का चक्काजाम
कांग्रेस पार्टी ने किसानों के समर्थन में आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेस किसान मोर्चा के नेतृत्व में 22 दिसंबरको तोंगपाल से कोंटा तक NH-30 पर स्थित सभी धान खरीदी केंद्रों के सामने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया जाएगा. हरीश कवासी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसानों के हक और न्याय के लिए किया जाएगा और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी.






