ब्रेकिंग
Classical Dance Festival Delhi: कुचिपुड़ी, ओडिसी और भरतनाट्यम की भव्य प्रस्तुतियां, जानें 2 से 4 अक्... Heavy Rain Alert India: मौसम विभाग की चेतावनी, इन इलाकों में चलेंगी 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार... Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,...
मध्यप्रदेश

पीएम आवास मांगना गरीब को पड़ा भारी, अधिकारी ने ऑफिस में बंधक बनाकर पीटा

छिंदवाड़ा: सरोरा ग्राम पंचायत से बड़ा अजीब मामला सामने आया है. यहां एक शख्स को ग्राम रोजगार सहायक से यह पूछना भारी पड़ गया कि उसका पीएम आवास योजना का घर आया है. इस सवाल के जवाब में ग्राम पंचायत सहायक ने उसे कमरे में बंद कर बेल्ट से पिटाई कर दी. यह कहना है सरोरा ग्राम पंचायत में रहने वाले अनिल का. उन्होंने थाने पहुंचकर अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत तो दर्ज करा दी है, लेकिन पुलिस पर भी शिकायती आवेदन में गलत जानकारी दर्ज करने का आरोप लगाया है.

तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर परिवार

कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे अनिल अपने परिवार के साथ तिरपाल तान कर रहते हैं. वे सरोरा ग्राम पंचायत के बगल में कई सालों से तिरपाल के सहारे गुजर बसर कर रहे हैं. सिर ढकने के लिए उनके पास एक छत तक नहीं है. ऐसी कड़कड़ाती ठंड में उनकी 3 साल की मासूम बच्ची भी इसी तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है.

पंचायत भवन में शख्स को बंधक बनाकर पीटा

अनिल जिंजोलकर ने बताया, “वह मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं. वे अपनी 3 महीने की बेटी और पत्नी के साथ सालों से तिरपाल से तम्बू बनाकर रह रहे हैं. गुरुवार को जब उन्होंने ग्राम रोजगार सहायक प्रदीप भावरकर से पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाले उनके घर के बारे में जानकारी मांगी, तो रोजगार सहायक ने उन्हें पंचायत भवन में बुलाया और कमरे में बंद करके बेल्ट से जमकर पीटा. जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. वे कई सालों से पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए अफसरों के ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है.”

पंचायत में लगा रहता है ताला

ग्रामीण कार्तिक गुर्जर ने बताया, “उनको अपनी समग्र आईडी अपडेट करवाना है. जिसके लिए वह बीते 3 महीने से ग्राम पंचायत भवन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है. क्योंकि अधिकतर समय पंचायत भवन में ताला बंद रहता है. जब भी वे आते हैं, तो काम नहीं होता है. मौके पर कोई नहीं मिलता है. सचिव और रोजगार सहायक अपनी मर्जी से आते जाते हैं, जिसकी वजह से ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है.”

‘पुलिस ने दर्ज की गलत एफआईआर’

पीड़ित ने पुलिस पर भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है. अनिल ने कहा, “मैंने पुलिस को शिकायत में कहा था कि मुझे पंचायत भवन में बने कमरे के भीतर बंधक बनाकर बेल्ट से मारा है. लेकिन पुलिस ने बाहर मारपीट का मामला दर्ज किया है.” इस आरोप पर उमरानाला पुलिस चौकी के प्रभारी पारसनाथ आर्मो का कहना है, “अनिल जिंजोरकर की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है. सीसीटीवी फुटेज बिजली नहीं होने की वजह से देख नहीं पाए हैं. जल्द ही सीसीटीवी फुटेज देखकर और भी लोगों के बयान दर्ज कर तक अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.”

Related Articles

Back to top button