हिड़मा के गांव में पल्स पोलियो अभियान का आगाज, पहले दिन 122 बच्चों को पिलाई गई दवा

सुकमा: पल्स पोलियो अभियान का आज से आगाज हो गया है. पहले दिन कुख्यात नक्सली हिड़मा के गांव में पल्स पोलियो अभियान का कैंप लगाया गया. अभियान के पहले दिन 4 गांवों के 122 बच्चों को पल्स पोलियो ड्राप दिया गया. अभियान के प्रथम दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम पूर्वर्ती क्षेत्र में पहुंची, जहां टेकलगुड़ा, अलीगुड़ा और तुमलपाड़ जैसे ग्रामीण एवं अंदरूनी इलाकों में घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई गई. पहले दिन इन क्षेत्रों में कुल 122 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई.
पल्स पोलियो अभियान 2025
स्वास्थ्य विभाग बस्तर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 37,815 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस लक्ष्य को समयबद्ध और शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं स्वयंसेवकों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. अभियान के सफल समपान के लिए जिले भर में 389 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां बच्चों को सुरक्षित तरीके से दवा पिलाई जा रही है.
हिड़मा के गांव में चलाया गया पल्स पोलियो अभियान
पल्स पोलियो अभियान में 1304 स्वास्थ्यकर्मी एवं स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं, जो बूथ स्तर के साथ-साथ घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिला रहे हैं। वहीं, जिला, ब्लॉक एवं सेक्टर स्तर पर निगरानी और सुपरविजन के लिए 40 टीम सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और हर बच्चे तक दवा पहुंच सके.
4 गांवों के 122 बच्चों को पिलाई गई दवा
नक्सल प्रभावित सुकमा जिले की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की हैं. इसके अंतर्गत 15 ट्रांजिट टीम, 9 मोबाइल टीम, 7 ट्रांजिट स्थल एवं 3 भ्रमणशील आबादी स्थल चिन्हित किए गए हैं. इन टीमों के माध्यम से बस स्टैंड, हाट-बाजार, सड़क मार्ग और अस्थायी निवास स्थलों पर रहने वाले बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. अनुमान के अनुसार जिले के लगभग 55,353 घरों को इस अभियान के दौरान कवर किया जाएगा. कुल मिलाकर शासन की कोशिश है कि किसी भी हालत में कोई बच्चा ड्राप लेने से छूट न जाए.
आज से पल्स पोलियो अभियान की विधिवत शुरुआत हो चुकी है. अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों में चिन्हित सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम गांव-गांव पहुंच रही है. पूरी प्राथमिकता के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे: गायत्री समरथ, स्वास्थ्यकर्मी, चिमली पेंटा
पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. हमारा अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाएं और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरा सहयोग दें. आपका एक कदम पोलियो मुक्त समाज की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है और जनभागीदारी से ही इसका लक्ष्य हासिल किया जा सकता है: अमित कुमार, कलेक्टर, सुकमा
इस वर्ष का विषय, पोलियो का अंत
हर बच्चा, हर टीका, हर जगह, यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है. किसी भी परिस्थिति में कोई भी बच्चा असुरक्षित न रह जाए यह लक्ष्य रखा गया है.






