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बिना वजह महसूस होती है घबराहट? जानें कुंडली के कौन से ग्रह छीन लेते हैं आपके मन का चैन

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में बहुत से लोग बिना किसी साफ कारण के मानसिक बेचैनी, घबराहट, चिंता और अस्थिरता महसूस करते हैं. कई बार सब कुछ ठीक होने के बावजूद मन शांत नहीं रहता. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसी मानसिक अशांति के पीछे कुंडली में मौजूद कुछ ग्रहों की स्थिति अहम भूमिका निभाती है. आइए जानते हैं वे कौन-से ग्रह हैं जो मन की बेचैनी बढ़ाते हैं और इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं.

चंद्रमा: मन का असली स्वामी

ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक गया है.

अशुभ स्थिति: यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, नीच का है या छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित है, तो व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर रहता है.

असर: ऐसे लोग छोटी-छोटी बातों पर भावुक हो जाते हैं और उनमें निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है.

राहु-केतु: भ्रम और डर का जाल

राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है. जब इनका संबंध चंद्रमा से बनता है, तो ग्रहण दोष लगता है.

राहु का प्रभाव: राहु मन में अज्ञात भय, घबराहट और नकारात्मक विचार पैदा करता है. व्यक्ति को हमेशा लगता है कि कुछ बुरा होने वाला है.

केतु का प्रभाव: केतु व्यक्ति को संसार से विरक्त या भ्रमित कर देता है, जिससे एकाग्रता में कमी आती है.

शनि: अवसाद और अकेलापन

शनि देव को अनुशासन और कर्म का फलदाता माना जाता है. लेकिन जब शनि और चंद्रमा की युति होती है, तो ‘विष योग’ बनता है.

असर: यह योग व्यक्ति को गहरे अवसाद और अकेलेपन की ओर धकेलता है. व्यक्ति खुद को कटा-कटा महसूस करने लगता है और मन में भारीपन रहता है.

बुध: तर्क और चिंता

बुध बुद्धि का कारक है. अगर बुध पीड़ित हो, तो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है. अपनी ही बातों को बार-बार दोहराना और व्यर्थ की चिंता करना खराब बुध की निशानी है.

मानसिक शांति के लिए ज्योतिषीय उपाय

चंद्रमा को दें अर्घ्य: पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को दूध मिश्रित जल अर्पित करें. ॐ सों सोमाय नमः का जाप करें.

चांदी का प्रयोग: हाथ की कनिष्ठा उंगली में चांदी की अंगूठी पहनें या चांदी के गिलास में पानी पिएं.

शिव उपासना: भगवान शिव मन के नियंत्रण के देवता हैं. प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय का पाठ करें.

प्राणायाम और ध्यान: ग्रहों के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ध्यान और अनुलोम-विलोम सबसे प्रभावी तरीका है.

सफेद वस्तुओं का दान: सोमवार के दिन दूध, चावल या सफेद मिठाई का दान करने से मानसिक शांति मिलती है.

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