MCB जिले में धान बेचने में आ रही दिक्कतों को लेकर किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, पट्टा मिलान में आ रही परेशानी

मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर: जिले में किसानों को धान बेचने में आ रही गंभीर परेशानियों को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया. किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू बुधवार को किसानों के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने प्रशासन के सामने किसानों की समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की.
पट्टा मिलान में फंसे किसान: किसान कांग्रेस अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पहले प्रशासन ने 114 किसानों की सूची जारी की थी, जिनका पट्टा मिलान नहीं होने की बात कही गई थी. इसके बाद हाल ही में 25 किसानों की नई सूची जारी हुई, जिसमें से केवल एक किसान का ही मिलान हो पाया, जबकि 24 किसान अभी भी लंबित हैं.
बार-बार कागजी प्रक्रिया से परेशान किसान: उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि किसान लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. पहले किसान कोरिया जिले तक जाकर पट्टा मिलान करा चुके हैं, जहां सब कुछ सही पाया गया था, लेकिन अब फिर से किसानों को कागजी प्रक्रिया में उलझाया जा रहा है
कुछ किसानों को मिली राहत: आज प्रशासन की ओर से दिए गए दस्तावेजों में 23 किसानों का मिलान होना बताया गया, जिनमें से 3 किसान तिरंगा पट्टा धारक हैं. वहीं 114 किसानों की सूची में से 6 किसानों का मिलान मौखिक जानकारी के आधार पर हो चुका है, जिससे वे अब अपना धान बेच सकेंगे.
शुक्रवार तक मिला अतिरिक्त समय: किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि प्रशासन ने शेष किसानों के पट्टा मिलान के लिए शुक्रवार तक का अतिरिक्त समय दिया है. इससे उम्मीद है कि बाकी किसानों की समस्या भी जल्द हल हो जाएगी.
वन अधिकार पट्टा धारकों को बताया गया अपात्र: जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किसान वन अधिकार पट्टा के आधार पर पूरे रकबे का धान बेच पाते थे, लेकिन इस बार विशेष रूप से कछौड़ क्षेत्र में वन अधिकार पट्टा धारकों को अपात्र कर दिया गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.
इस मुद्दे को लेकर वे पहले भी कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कुछ मामलों का अब तक समाधान नहीं हो पाया. इसी कारण आज फिर किसानों के साथ प्रशासन से मुलाकात की गई.- राजेश साहू, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत
प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा: प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी है कि सत्यापन सूची आ चुकी है और आगे भी सत्यापन की प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द सभी लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा. फिलहाल जिले के कई किसान अब भी धान बेचने के लिए भटक रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है. अब देखना होगा कि प्रशासन अपने आश्वासन पर कितनी जल्दी अमल करता है.






