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हरियाणा

बजट में आमजन की राय जानने के लिए CM सैनी ने लांच किया ये पोर्टल, प्रदेशवासी इन 3 भाषाओं में दे सकते हैं अपने सुझाव

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बजट को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में उन्होंने मंगलवार को 2026-27 के बजट को लेकर गुरुग्राम में प्री-बजट मंथन में हिस्सा लिया। इस आशय के बारे में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि ‘हरियाणा का बजटः आपकी राय, हमारा संकल्प। हरियाणा के विजन 2047 को साकार करने की दिशा में आज गुरुग्राम में आयोजित ‘प्री-बजट मंथन’ में सहभागिता करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए। हरियाणा का आगामी बजट प्रदेश के हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इसी क्रम में इस वर्ष भी लगातार सैटरवार बैठकें आयोजित कर सभी हितधारकों से बजट संबंधी सुझाव लिए जाएंगे। हम प्रदेश के प्रत्येक परिवारजन से आह्वान करते हैं कि वे वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण में सक्रिय सहभागिता कर सशक्त और समृद्ध हरियाणा के निर्माण में अपना योगदान दें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सैनी ने मंगलवार को गुरुग्राम में ए.आई. आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का शुभारंभ किया जिस पर प्रदेशवासी हरियाणवी, हिंदी तथा अंग्रेजी तीनों भाषाओं में अपने सुझाव दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारी पारदर्शिता, नागरिक सहभागिता तथा सहभागी
शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी इस साल फरवरी माह में बतौर वित्त मंत्री अपना दूसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। पिछली बार प्रदेश का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए था। इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है और 2026-27 का बजट 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है। पिछली बार की तरह से इस बार भी बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, ग्रामीण व शहरी विकास पर फोकस किया जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष में कृषि का बजट 7600 करोड़ रुपए था। शिक्षा व खेल का बजट 22 हजार 312 करोड़ रुपए, स्वस्थ्य का बजट 10 हजार 539 करोड़ रुपए था। ऐसे ही ग्रामीण विकास का बजट 7313 करोड़ रुपए, सिंचाई का बजट 6 हजार करोड़ रुपए, स्थानीय निकाय का बजट 5911 करोड़ रुपए था। अब अगले वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पूरी तैयारी कर ली है। अब वह विभिन्न वर्ग के लोगों से बजट को लेकर मंथन करेंगे और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। बजट सत्र के आयोजन से पहले विधानसभा में प्री-बजट डिस्कशन के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा जिसमें सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के विधायकों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

साल-दर-साल ऐसे बढ़ता गया बजटः गौरतलब है कि 26 अक्तूबर, 2014 को मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और बतौर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने फरवरी 2015 में 2015-16 का बजट पेश किया था जो 86 हजार करोड़ रुपए था और पिछले साल बतौर वित्त मंत्री नायब सैनी ने 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। ऐसे में 2015-16 से 2025-26 तक बजट में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। 2023-24 में बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 1 लाख 66 हजार करोड़ रुपए का जबकि 2024-25 में 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए बजट पेश किया था। इससे पहले 2021-22 में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए, 2022-23 में 1 लाख 64 हजार का बजट पेश किया गया था। 2019-20 में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए, 2020-21 में 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया।

मनोहर लाल खट्टर ने शुरू की थी नई परम्परा
मनोहर लाल खट्टर 27 अक्तूबर 2019 को दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें और उन्होंने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा। नए-नए प्रयोगों के लिए पहचान रखने वाले मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के बजट को आर्थिक विकास का आईना माना और इसके लिए जनसहभागिता को सुनिश्चित किया। उन्होंने जनता के अलग-अलग वर्गों से बजट को लेकर सुझाव मांगे। इस कड़ी में किसानों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, दुकानदारों, जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। विशेष बात यह है कि इसको लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से प्री-बजट डिस्कशन बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया। यही नहीं, बजट पर डिस्कशन को लेकर प्री-बजट सत्र भी बुलाने की पहल भी की गई। बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के हित में आए सुझावों को बजट में शामिल किया। उन्होंने विपक्ष के विधायकों के सुझाव भी बजट में शामिल किए। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी मुख्यमंत्री नायब सैनी फरवरी माह में अपना बजट प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले 2016-17 में 90 हजार करोड़ रुपए एवं 2017-18 में 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए एवं 2018-19 में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।

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