झारखंड में SIR को लेकर चुनाव आयोग तैयार, CEO ने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

रांची: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है. इसी के तहत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने समीक्षा बैठक की. इस मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य 70% पूर्ण हो चुका है.
वहीं शहरी क्षेत्र के मतदाताओं का विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची के मैपिंग का कार्य बीएलओ को ज्यादा करने की प्राथमिकता दी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को कहा कि सरकारी कार्यालयों में कैंप लगाकर सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मैपिंग के लिए प्रशिक्षित करें. जिससे अधिक से अधिक लोगों को मैपिंग करने में सहायता प्राप्त हो सकें.
सीईओ ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को दिए कई निर्देश
सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि राज्य के बाहर से आए मतदाताओं को उनके संबंधित राज्य के विगत गहन पुनरीक्षण वाले मतदाता सूची से मैपिंग करते हुए रजिस्टर में सूची बना लें. इसके साथ ही एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट सूची का डिजिटलीकरण कर लें. जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के समय आसानी हो सकें. सीईओ ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा कि एक भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से नहीं छुटे, इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें.
मतदाता सूची की मैपिंग करने के समय 8 चेकपॉइंट
समीक्षा बैठक के दौरान मतदाता सूची की मैपिंग करने के समय निर्धारित 8 चेकपॉइंट को अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए गए. सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के मैपिंग करने के समय 8 चेकपॉइंट निर्धारित किए गए हैं. इसे ध्यान में रखकर मतदाता सूची के मैपिंग के कार्य का निरीक्षण करें. गलत मैपिंग होने से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि सीईओ कार्यालय द्वारा जारी स्टीकर जिसपर संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का नाम, मतदान केंद्र संख्या, विधानसभा क्षेत्र एवं मोबाइल नंबर मोहर के रूप अंकित किया जाना है.
सीईओ ने कहा कि स्टीकरों को संबंधित बीएलओ के मतदान केंद्र के क्षेत्रों में लगाया जाए. जिससे लोगों को अपने बीएलओ तक पहुंच बनाने में आसानी हो सके. उन्होंने कहा कि इसका वृहत प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें, जिससे अधिक से अधिक मतदाताओं को सहायता प्राप्त हो सके. इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी 1950 टॉल फ्री नंबर और बुक ए कॉल, फीचर का भी वृहत प्रचार करें.
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से हो जल्द प्रशिक्षण: सीईओ
सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए बीएलओ को मोबाइल से फोटो खींचकर बीएलओ ऐप में अपडेट करने के लिए प्रशिक्षित करें. इसके साथ ही 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट–2 का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें. जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के समय समन्वय आसान हो सके.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अन्य राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्य जारी है. इसके लिए संबंधित राज्य से आए डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन का कार्य उसी दिन करें. इस कार्य के लिए अवकाश के दिनों में भी रोस्टर ड्यूटी की व्यवस्था करें. साथ ही गलत डॉक्यूमेंट का रिपोर्ट करें, जिससे संबंधित पर त्वरित कार्रवाई की जा सकें.






