ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
पंजाब

70 साल का साथ: पति की मौत के बाद पत्नी ने भी त्यागे प्राण, एक साथ अर्थी सजाकर हुआ अंतिम संस्कार

मलोट: पति-पत्नी के रिश्ते को दिखाने के लिए बनाए गए अलग-अलग गानों और लोकगीतों में कहा जाता है कि 2 जिस्म एक जान होते हैं। ऐसे जोड़े भी चाहते हैं कि भगवान उन्हें एक साथ ले जाए। लेकिन मलोट के रविदास नगर में ऐसा ही एक मामला सच हुआ। जहां पति-पत्नी ने एक दिन अपने प्राण त्यागे। दोनों की उम्र 95 साल से ज्यादा थी और शादी को 70 साल से ज्यादा हो चुके थे और जब दोनों एक साथ चले गए तो दुख के बावजूद परिवार और रिश्तेदारों में सांत्वना का माहौल था। परिवार के पुरुषों और महिलाओं ने बताया कि डोडा राम सेहतमंद थे और चलते-फिरते थे।

वह बच्चों और बड़ों के टूटे पैर और हाथ जोड़ने का काम करते थे। कल शाम उनकी मौत के एक घंटे बाद उनकी पत्नी भी गुजर गईं। उन्होंने बताया कि प्रेमा देवी पिछले 3-4 साल से बीमार थीं। परिवार के सुनील कुमार और सतपाल का कहना है कि ऐसी मौत किस्मत वालों को नसीब होती है। उसी तरह वह उसे अपने साथ ले गया। जिसके बाद परिवार वाले सजावट लिए गुब्बारे और फूल लगाकर अर्थियों को श्मशानघाट ले गए। जहां अंतिम संस्कार किया गया। आज उसके अंतिम संस्कार में पूरे मोहल्ले और शहर के लोग मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button