ब्रेकिंग
भारत की इकोनॉमी का इंजन बना गुजरात: राजकोट में बोले PM मोदी— 'ग्लोबल पार्टनरशिप का नया गेटवे है यह र... भारत की सड़कों पर लिखा गया इतिहास: NHAI का डबल धमाका, दो वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ दुनिया में लहराया प... वाराणसी में मनरेगा आंदोलन पर 'खाकी' का प्रहार: छात्रों पर जमकर चली लाठियां, संग्राम में तब्दील हुआ प... अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की बड़ी स्ट्राइक: काली कमाई के खेल का होगा पर्दाफाश, PMLA के तहत केस की तै... "देवरिया में गरजा बाबा का बुलडोजर: अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई, हटाई गई अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार सावधान! फर्जी ऐप के मायाजाल में फंसा ITBP का जवान, ग्रेटर नोएडा में लगा 51 लाख का चूना "आतंकियों की 'आसमानी' साजिश बेनकाब: जम्मू में सेना ने पकड़ा सैटेलाइट सिग्नल, आतंकियों के हाथ लगा हाई... हाथों में चूड़ियाँ और माथे पर तिलक: इटली की गोरी पर चढ़ा शिव भक्ति का खुमार, संगम तट पर बनीं आकर्षण का... "दिल्ली बनी 'कोल्ड चैंबर': 3 डिग्री तक गिरा तापमान, जमा देने वाली ठंड से कांपी राजधानी "दरिंदगी की सारी हदें पार: पिता ने गर्लफ्रेंड का कत्ल कर उसका मांस खाया, बेटी के खुलासे से दुनिया दं...
झारखण्ड

बच्चों के गायब होने के विरोध में रांची में धुर्वा बंद, दिखा व्यापक असर, मासूमों का अब तक नहीं मिला कोई सुराग

रांची: दो मासूम भाई बहनों को खोज पाने में रांची पुलिस लगातार विफल दिख रही है. जिसके खिलाफ अब जनआक्रोश सामने आने लगा है. रविवार को दोनों मासूम बच्चों के रहस्यमय रूप से गायब होने के विरोध में स्थानीय लोगों ने धुर्वा बंद रखा. जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. धुर्वा में बंद का असर दिख रहा है.

पुलिस के हाथ खाली

दरअसल, दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका के रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने और पुलिस द्वारा 9 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नही मिलने से अब जनता के बांध का सब्र टूटने लगा है. इसे लेकर जगह जगह आंदोलन हो रहे हैं. इसी कड़ी में रविवार को धुर्वा बंद का एलान भी पूर्णत सफल नजर आया.

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

बच्चों के लापता होने के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा धुर्वा बंद का ऐलान किया गया था. बंद के समर्थन में कुछ लोग सड़क पर उतरे तो उन्होंने देखा कि धुर्वा तो स्वतः ही बंद है. धुर्वा में मेडिसिन स्टोर छोड़कर सभी दुकानें बंद रही. क्योंकि स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोशित है. सभी का कहना है कि पुलिस ने मामले में घोर लापरवाही बरती है. लोगों का मानना है कि 2 तारीख को बच्चे गायब हुए थे लेकिन पुलिस चार जनवरी को एक्टिव हुई. गायब बच्चों को लेकर केवल धुर्वा ही नहीं बल्कि पूरा रांची शहर एकजुट हो चुका है. यही वजह है कि धुर्वा स्थित लगभग 200 से ज्यादा दुकानें बंद है.

न के बराबर चले सभी वाहन

धुर्वा बंद को लेकर सड़कों पर वाहन का परिचालन भी पूरी से ठप रहा. आंदोलन को लीड कर रहे आरजेडी नेता कैलाश यादव ने बताया कि आम लोग सदमे में हैं और उनमें भारी आक्रोश है. पुलिस केवल आश्वासन दे रही है. बच्चे कहा है? इसका उन्हें अभी तक कोई सुराग नही मिल पाया है. वही धुर्वा के स्थानीय लोगों ने खुद ही बंद का समर्थन किया है.

दो जनवरी से लापता है दोनों बच्चें

दरअसल, दो जनवरी के दिन रहस्यमय तरीके से भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) गायब हो गए थे. उन्होंने ढूंढने के लिए रांची पुलिस का पूरा महकमा लगा हुआ है लेकिन बावजूद इसके नौ दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नही मिला है. रांची पुलिस ने बच्चों को खोज निकालने के लिए इनाम की राशि की भी घोषणा कर दी है. बच्चों का पता बताने वाले को 51 हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही बच्चों की फोटो और पुरस्कार राशि के साथ रांची के विभिन्न इलाकों में पोस्टर चस्पा किए गए हैं.

Related Articles

Back to top button