झारखंड में अभी और बढ़ेगा कोरोना का खतरा, दूसरे राज्यों से आ रहे हजारों मजदूर

रांची। Jharkhand Coronavirus Cases News Update राज्य के सीमावर्ती जिलों में कोरोना जांच की गति काफी धीमी है। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में कोरोना जांच की हुई समीक्षा बैठक में इसपर चिंता जताई गई है। बैठक में कहा गया कि इन जिलों में दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों के आने का खतरा अधिक है। इसके बावजूद इन जिलों में जांच की गति संतोषजनक नहीं है
जिन सीमावर्ती जिलों में जांच की गति धीमी है उनमें गढ़वा्र, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, चाईबासा आदि शामिल हैं। मुख्य सचिव ने इन जिलों के उपायुक्तों को जोन पहचान कर अधिक से अधिक संभावित मरीजों की जांच कराने का आदेश दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इसकी कड़ी मॉनीटरिंग करने का आदेश दिया है।
इधर, मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य के चारो लैब में जांच की गति में तेजी लाने तथा सभी लंबित जांच को पूरा करने का आदेश दिया है। जांच में तेजी लाने के लिए चारो लैब रिम्स-रांची, एमजीएम-जमशेदपुर, पीएमसीएच-धनबाद तथा इटकी यक्ष्मा अस्पताल में एक-एक और आरटी-पीसीआर मशीनें अविलंब लगाने का भी निर्णय लिया गया। वर्तमान में इटकी यक्ष्मा अस्पताल में एक तथा अन्य में दो-दो मशीनें जांच में लगाई गई हैं। यह भी आदेश दिया गया कि सभी लैब में क्षमता के अनुरूप अनिवार्य रूप से जांच हो। जांच में तेजी लाने के लिए निजी संस्थानों तथा डायग्नोस्टिक सेंटर आदि के साथ समझौते की संभावनाएं तलाशने का भी निर्णय लिया गया।
झारखंड में भी होगी ट्रूनॉट मशीनों से जांच, एक घंटे में आएगी रिपोर्ट
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में गंभीर रूप से बीमार सामान्य मरीजों तथा वैसे मरीजों की ट्रूृनॉट मशीन से जांच कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए राज्य के सभी सदर अस्पतालों में ट्रूनॉट मशीनें लगाने का निर्णय लेते हुए इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड को दिया गया। आइसीएमआर ने इस जांच की स्वीकृति प्रदान की है। इस टेस्ट के माध्यम से पता चलता है कि किसी मरीज में एंटीबॉडी क्षमता है या नहीं। एक घंटे में इसकी रिपोर्ट आ जाती है। इससे कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए उक्त मरीज को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उक्त मरीज में कोरोना संक्रमण की संभावना होने पर उसकी आरटी-पीसीआर जांच हो सकेगी।
चारो लैब में लगाए जाएंगे दो-दो और माइक्रोबायोलाजिस्ट
कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए राज्य की चारो लैब में दो-दो अतिरिक्त माइक्रोबायोलाजिस्ट को लगाने का भी निर्णय लिया गया है। अभियान निदेशक को कुल आठ माइक्रोबायोलाजिस्ट हायर करने को कहा गया है। वहीं, इनमें आवश्यक संख्या में लैब तकनीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य कमियों को भी पदस्थापित करने का निर्देश दिया गया जो राज्य सरकार के पास पहले से उपलब्ध हैं।






