अंश-अंशिका अपहरण केस में बड़ा खुलासा! बंगाल के ‘बच्चा चोर गिरोह’ से जुड़े किडनैपर्स के तार, देशभर में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

रांची: राजधानी रांची से गायब बच्चे अंश और अंशिका के दोनों अपहरणकर्ता रांची पुलिस के रिमांड पर हैं. पुलिस के अनुसार अपहरण में शामिल पति पत्नी ने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की तरफ इशारा किया, जो बंगाल तक फैला हुआ है. फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है. इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं.
कई गिरफ्तारियां हुई, कुछ अन्य गायब बच्चे बरामद होने की सूचना
रांची के जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से अगवा अंश और अंशिका की बरामदगी मामले में जेल में बंद दंपत्ति को धुर्वा पुलिस पांच दिन की रिमांड पर थाना लायी है. पुलिस आरोपी सोनी कुमारी और नव खेरवार उर्फ सूर्य से लगातार पूछताछ कर रही है. पूछताछ के क्रम में दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपने नेटवर्क की जानकारी दी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हुई है. जानकारी के अनुसार कुछ गायब बच्चे भी पुलिस के द्वारा बरामद किए गए हैं. रविवार शाम या सोमवार को इस मामले में बड़ा खुलासा रांची पुलिस के द्वारा किया जाएगा.
रिमांड पर पूछताछ
रिमांड पर पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि बंगाल और बिहार के बच्चा चोर गिरोह से उसका कनेक्शन है. पुलिस को आशंका है कि दोनों बच्चों को अगवा करने के बाद आरोपी बंगाल या बिहार में बेच देते. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को अपने गिरोह के लोगों का भी नाम बताया है. गौरतलब है कि दो जनवरी को शालीमार बाजार से अपराधियों ने अंश और अंशिका को अगवा कर लिया था. दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामले की गहराई से जांच चल रही है.
क्या है पूरा मामला
इस मामले में धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने खोजबीन की, लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. इसी दौरान बीते बुधवार को रामगढ़ के चितरपुर के एक युवक ने बच्चे को देखा और पुलिस को खबर की. जिसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को बरामद कर लिया. साथ ही दंपति को भी गिरफ्तार किया है.
पांच महीने से स्मार्ट सिटी के पास रह रहे थे आरोपी दंपति
आरोपी सोनी कुमारी और उसका पति नव खेरवार उर्फ सूर्य रांची में पांच महीने से रह रहे थे. धुर्वा स्मार्ट सिटी जाने वाले मार्ग में जिस स्थान पर गुलगुलिया लोग रह रहे थे, वहां पर दोनों अपने डेरा जमाये हुए थे. पांच महीनों से दोनों आरोपी बच्चे की तलाश में थे. वह घूम-घूम कर न सिर्फ गुब्बारा बेचा करते थे, बल्कि बच्चे की भी तलाश करते थे. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह बच्चों को अगवा करने के बाद हटिया इलाके में ही थे. पुलिस की दबिश के बाद वे बच्चों को लेकर रामगढ़ फरार हो गए. वे बच्चों की हर इच्छा पूरी कर रहे थे. दोनों बच्चों को लेकर वह बिहार भागने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.






