ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
धार्मिक

Ganesh Jayanti 2026: 22 या 23 जनवरी? जानें कब है गणेश जयंती की सही तारीख और बप्पा के स्वागत का शुभ मुहूर्त

Ganesh Jayanti 2026 Date: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है. जब जीवन में राहें उलझती हैं, काम अटकते हैं या मन अस्थिर होता है, तब सबसे पहले गणपति बप्पा का ही स्मरण किया जाता है. ऐसे में गणेश जयंती का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि विश्वास, भक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक है. हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में यही सवाल है कि गणेश जयंती 22 जनवरी को मनाई जाए या 23 जनवरी को? आइए, इस कंफ्यूजन को एक क्लिक में दूर कर लेते हैं.

कब है गणेश जयंती? 22 या 23 जनवरी?

पंचांग की गणना के अनुसार,

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 22 जनवरी 2026 को रात 02:47 AM बजे.
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 23 जनवरी 2026 को रात 02:28 AM बजे.

चूंकि उदया तिथि और दोपहर का समय 22 जनवरी को मिल रहा है, इसलिए गणेश जयंती 22 जनवरी 2026, गुरुवार को ही मनाई जाएगी.

पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का जन्म दोपहर के समय हुआ था, इसलिए उनकी पूजा मध्याह्न काल में करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

  • मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:05 से दोपहर 01:15 तक.
  • कुल अवधि: 2 घंटे 10 मिनट.

गणेश जयंती की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. यदि प्रतिमा धातु की है, तो गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करें. बप्पा को सिंदूर का तिलक लगाएं, उन्हें दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें. गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. साथ ही फल और फूल चढ़ाएं. ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें और आखिर में घी के दीपक से आरती उतारें.

गणेश जयंती का महत्व और लाभ

गणेश जयंती, जिसे माघ विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, आध्यात्मिक रूप से बहुत शक्तिशाली दिन है. जैसा कि नाम है विघ्नहर्ता, इस दिन व्रत रखने से जीवन की बड़ी से बड़ी मुश्किलें दूर हो जाती हैं. बप्पा बुद्धि के देवता हैं. छात्रों और करियर में सफलता चाहने वालों के लिए यह दिन वरदान जैसा है. घर में कलह क्लेश दूर होते हैं और शांति का वास होता है. मान्यता के अनुसार, इस दिन की गई सच्चे मन से की गई प्रार्थना इस दिन खाली नहीं जाती है.

Related Articles

Back to top button