भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इशारा किया है कि प्रदेश सरकार के आगामी 18 फरवरी को आने वाले बजट में सरकार पेट्रोल-डीटल पर वैट कम करने को लेकर बड़ा निर्णय ले सकती है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने केन्द्रीय बजट पर हुई पत्रकार वार्ता में डीजल पेट्रोल पर सबसे ज्यादा वैट से जुड़े सवाल को लेकर कहा कि सरकार 18 फरवरी को जो राज्य का बजट पेश हो रहा है, उसमें काफी हद तक इसका निराकरण करेगी.
उन्होंने कहा कि वित्तीय तरलता बनी रहे, इसके लिए धीरे-धीरे कटौती की जाएगी. प्रदेश की गिनती देश के उन राज्यों में है, जहां सबसे ज्यादा टैक्स लगता है. मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 29% वैट, 2.5 रुपए प्रति लीटर वैट के साथ 1% लिया जाता है. डीजल पर 19% वैट, 1.5 रुपए प्रति लीटर वैट के साथ 1% उपकर लिया जा रहा है.
राज्य के बजट में क्या वैट में कटौती करेगी सरकार
क्या राज्य सरकार आगमी बजट में मध्य प्रदेश में पेट्रोल डीजल के दामों में वैट कम कर सकती है. केन्द्रीय बजट को लेकर मंगलवार को भोपाल में हुई पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसके संकेत दिए हैं. उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि “डीजल पेट्रोल पर वैट कम करने की चुनौती हमारे सामने है. जो जितनी जीडीपी देगा, वित्तीय तरलता बनी रहेगी, लेकिन हमारा प्रयास है कि धीरे-धीरे कट लगता जाए. हम काफी हद तक इसका निराकरण करेंगे.
18 फरवरी के आने वाले बजट में इसका प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आर्थिक ताकत के बलबूते पर देश के जो 3 राज्य खड़े हैं. उनमें से एक मध्य प्रदेश भी है. जिन 3 राज्यों में बजट का 40 प्रतिशत हिस्सा पूंजीगत निवेश में लग रहा है. उसमें मध्य प्रेदश भी है. मोहन यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा आबादी वाले 5 राज्यों में से एक होते हुए बेरोजगारी की दर प्रदेश में सबसे कम है.
रेल की पटरी 8 गुना बढ़ी, रेल कनेक्टिविटी से मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रेल बजट में प्रदेश को 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने को लेकर कहा है कि रेल बजट में एमपी के लिए आज से क्रांति हुई है. रेल की पटरी प्रदेश में 8 गुना बढी है. जबकि इलेक्ट्रीफिकशन 5 गना बढ़ा है. स्टेशन से लेकर हर सेक्टर में विकास हुआ है. उन्होंने कहा कि रेल की कनेक्टिविटी से मध्य प्रदेश के विकास को गति मिलेगी.
टेक्सटाइल उद्योग को फिर जीवित करेंगे, रोजगार यहां बढ़ेंगे
सीएम ने केन्द्रीय बजट को लेकर कहा कि बजट इस तरह से तैयार हुआ है कि एक तरफ उससे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की भी चिंता है और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि कैसे चमके इसका रोडमैप भी है. इसमें एआई को प्रमोट किया गया है. बजट इस तरह से बनाया गया है, सभी सेक्टर को आगे बढ़ने का मौका मिले. उन्होंने कहा कि एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्री में मध्य प्रेदश ने भी रफ्तार पकड़ी है. नारी सशक्तिकरण को लेकर भी खास चिंता बजट में है. एक तरफ शी मार्ट खोले जाने का प्लान है, दूसरी तरफ हर जिले में महिला छात्राावास खोले जाएंगे.