ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद
मध्यप्रदेश

Ratlam News: रतलाम में BJP पार्षद के साथ बड़ा खेल, सरकारी मुआवजे के 42 लाख रुपये दूसरे किसान के खाते में भेजे

रतलाम : हर मंगलवार को मध्य प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर होने वाली जनसुनवाई में आम जनता तो ठीक लेकिन अब जन प्रतिनिधियों को भी समस्या का समाधान नहीं मिल पा रहा है. ताजा मामला रतलाम के नामली का है. रतलाम- नीमच रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में राजस्व अधिकारियों द्वारा हेरफेर किए जाने का मामला सामने आया है.

42 लाख मुआवजा दूसरे किसान के खाते में

नामली नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 9 से पार्षद राधेश्याम पड़ियार की रेलवे लाइन से लगी हुई जमीन का मुआवजा करीब 42 लाख रुपए अन्य किसान के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया. वर्ष 2024 से वह जनसुनवाई में चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक कोई समाधान नहीं मिला है. स्थानीय विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत भी कर चुके हैं. भाजपा पार्षद अब शिकायत लेकर दिल्ली जाने की तैयारी में है.

रतलाम-नीमच रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण

वर्ष 2022-23 में रतलाम-नीमच रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था. राधेश्याम पड़ियार और उनके परिवार की सर्वे नंबर 930 की करीब दो बीघा जमीन अधिग्रहण में चली गई. जिसकी मुआवजा राशि करीब 42 लाख रुपये ऐसे किसान के खाते में डाल दी गई, जिनकी जमीन रेलवे लाइन के अधिग्रहण में गई ही नहीं. पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पटवारी और तत्कालीन राजस्व अधिकारियों ने कागजों में हेरफेर कर उनकी मुआवजा राशि हड़प ली.

मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं शिकायत

शिकायतकर्ता राधेश्याम पड़ियार ने बताया “वह 2024 से अब तक 6 बार जनसुनवाई में आकर आवेदन लगा चुके हैं. लेकिन मुआवजे का अब तक कोई समाधान नहीं मिला है. स्थानीय विधायक मथुरालाल डामर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पार्षद भोपाल भी जा चुके हैं.”

नामली पटवारी और राजस्व के अधिकारी उन्हें मुआवजा राशि को लेकर गोलमोल जवाब दे रहे हैं. अपने परिवार के साथ जनसुनवाई में पहुंचे भाजपा पार्षद राधेश्याम पड़ियार ने कहा “वह अपने हक की राशि लेकर रहेंगे. इसके लिए अब वह दिल्ली जाने की तैयारी में हैं.”

एसडीएम से मांगी जांच रिपोर्ट

भाजपा पार्षद राधेश्याम पड़ियार का कहना है “केंद्र व राज्य में हमारी सरकार होने के बाद भी जनप्रतिनिधियों क कोई नहीं सुन रहा है तो आम जनता की कैसी हालत होती होगी. 3 साल से राजस्व विभाग के अधिकारी जांच का बहाना बनाकर मामले को टाल रहे हैं.” इस मामले में रतलाम एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने बताया “जनसुनवाई में पीड़ित पक्ष के आवेदन पर सुनवाई करते हुए रतलाम ग्रामीण एसडीम को जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.”

Related Articles

Back to top button