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मध्यप्रदेश

हक की खातिर 27 किमी का पैदल सफर: जब पुलिस की मिन्नतें भी नहीं रोक पाईं ग्रामीणों के कदम, कलेक्टर से मिलने की ठानी

रतलाम: बिनौली गांव में शासकीय जमीन हासिल करने के लिए 2 समाजों के बीच इतनी खींचतान हुई. एक पक्ष अपनी समस्या का समाधान करवाने के लिए रात में ही पैदल मार्च पर निकल गया. बिनोली गांव से सूर्यवंशी समाज की महिलाएं और पुरुष कलेक्टर से मिलने रतलाम के लिए पैदल निकले थे. जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, लेकिन वह नहीं माने और करीब 27 किलोमीटर तक पैदल चलते रहे.

नामली के पास प्रशासन और पुलिस के अधिकारीयों ने समाज के महिला प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर मिशा सिंह से मिलवाने का आश्वासन दिया. जिसके बाद यह लोग प्रदर्शन रोकने को तैयार हुए है.

अपने आराध्य देव का स्थान बनाने धरने पर बैठे सूर्यवंशी समाज के लोग

जावरा तहसील के ग्राम बिनौली में नजूल की शासकीय जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगने के बाद सूर्यवंशी समाज के लोग पास में स्थित शासकीय भूमि पर अपने आराध्य देव का स्थान बनाना चाहते थे. जिसकी मांग उन्होंने ग्राम पंचायत और जावरा तहसीलदार से की थी. ग्राम पंचायत और तहसीलदार द्वारा शासकीय भूमि का इस तरह आवंटन नहीं किए जाने की बात कही, तो सूर्यवंशी समाज के लोग धरने पर बैठ गए.

जिला मुख्यालय के लिए पैदल रवाना

बुधवार को दिनभर सूर्यवंशी समाज के लोगों का जावरा एसडीम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन चला. जिसके बाद देर रात में वह कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने के लिए जिला मुख्यालय की तरफ पैदल ही निकल गए. पैदल मार्च कर रहे मंगल सिंह ने बताया कि “हम विधिवत तरीके से अपनी मांग कलेक्टर के सामने रखना चाहते थे, लेकिन जब हमारी सुनवाई नहीं हुई तो हम कलेक्टर से मिलने के लिए जिला मुख्यालय की तरफ पैदल रवाना हो गए. रात में ही सूर्यवंशी समाज की महिलाएं और पुरुष पैदल पैदल रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने की मांग को लेकर चल दिए.”

जावरा तहसीलदार पारस वैश्य ने बताया कि “सूर्यवंशी समाज के लोगों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर वह रात में ही प्रदर्शन कार्यों के बीच पहुंचे थे. उन्हें शासकीय जमीन के आवंटन से संबंधित नियम और जानकारी दी थी, लेकिन ग्रामीण तत्काल ही शासकीय जमीन को सूर्यवंशी समाज के नाम किए जाने की मांग कर रहे थे.”

प्रदर्शनकारियों के साथ जमीन पर बैठे एसडीओपी

रात भर में करीब 27 किलोमीटर पैदल चलने के बाद जावरा प्रशासन के अधिकारियों की समझाइश के बाद भी ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े हुए थे. नामली थाना क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों से मिलने ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला और एसडीएम विवेक सोनकर पहुंचे. इसके बाद एसडीओपी किशोर पाटनवाला प्रदर्शनकारियों के साथ ही जमीन पर बैठ गए. नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने भी महिलाओं से बात कर उन्हें कलेक्टर से मिलवाने का आश्वासन दिया. जिसके बाद सभी प्रदर्शनकारी पैदल मार्च रोकने को राजी हो गए.

बहरहाल सूर्यवंशी समाजजनों के पैदल मार्च को जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंचने दिया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि स्थानीय स्तर पर ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो जाए, तो उन्हें 27 किलोमीटर दूर तक पैदल मार्च करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती.

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