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पंजाब

Drone Sighting in Punjab Villages: पंजाब के कई गांवों में आसमान में दिखे संदिग्ध ड्रोन, लोगों में दहशत, पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

नूरपुरबेदी: नूरपुरबेदी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सुबह से आसमान में उड़ते एक ड्रोन ने अचानक लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया। ड्रोन की अधिक ऊंचाई और तेज गति के कारण लोग उसे अपने मोबाइल फोन में कैद नहीं कर पाए, हालांकि कई लोगों ने प्रयास जरूर किया। इस मामले की जानकारी मिलते ही मीडिया कर्मियों ने ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखते हुए विभिन्न गांवों के लोगों से फोन के माध्यम से संपर्क बनाए रखा। सूचना मिलते ही कई गांवों में लोग अपने घरों के बाहर और छतों पर खड़े होकर ड्रोन की गतिविधि देखते रहे। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि यह ड्रोन उनके घरों से कुछ दूरी पर काफी ऊंचाई पर लगातार चक्कर लगाता हुआ दिखाई दे रहा था।

ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया। जिसके बाद इंस्पैक्टर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मचारी ड्रोन की तलाश में संबंधित गांवों की ओर रवाना हुए। पत्रकारों और ग्रामीणों के आपसी तालमेल के चलते करीब 2 घंटे बाद गांव लसाड़ी में पुराने तालाब के पास एक ग्रामीण द्वारा ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

थाना प्रभारी रोहित शर्मा के निर्देशों पर इंस्पैक्टर बलवीर चंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग के अनुरोध पर सतलुज नदी के लिए बाढ़ जोखिम मानचित्र तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत हवाई एवं अंतरिक्ष आधारित तकनीकों की सहायता से लगभग 1693 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा, जिसमें रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, लुधियाना, जालंधर और मोगा जिले शामिल हैं।

डाटा संग्रहण के लिए एम.एस. पायनियर फाऊंडेशन इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और एम.एस. सप्तऋषि कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हीं टीमों द्वारा नूरपुरबेदी क्षेत्र में सतलुज नदी से सटे इलाकों का ड्रोन कैमरे से सर्वे किया जा रहा था। पुलिस प्रशासन ने संबंधित सर्वे टीम को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी गांव में सर्वे से पहले पुलिस को पूर्व सूचना दी जाए, ताकि डिजिटल माध्यमों से लोगों को जानकारी देकर उनकी आशंकाओं को दूर किया जा सके।

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