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मध्यप्रदेश

MP Tiger State: 17 बरस की ये ‘लंगड़ी बाघिन’ आज भी है टूरिस्ट की पहली पसंद, एमपी को दिलाया था टाइगर स्टेट का ताज

सिवनी: मध्य प्रदेश की सबसे सीनियर लंगड़ी बाघिन पेंच टाइगर रिजर्व के टूरिस्टों के लिए फिर से मैदान में नजर आने लगी है. दावा किया जा रहा है कि यह बाघिन मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में सबसे ज्यादा उम्रदराज बाघिन है. मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में भी लंगड़ी बाघिन का बड़ा योगदान रहा है.

लंगड़ी बाघिन की चलने की स्टाइल ही अलग है

लंगड़ी बाघिन टी-20 सामने के पंजों से अलग स्टाइल में चलती है. इसीलिए यह पर्यटकों के बीच ‘लंगड़ी बाघिन’ के नाम से प्रसिद्ध हो गई. पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देव प्रसाद जे. ने बताया कि “पेंच टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध और सीनियर बाघिनों में से एक, पीएन 20 (टी-20) को शनिवार को एक बार फिर कर्माझिरी रेंज के टूरिस्ट इलाके में बाघिन को नाला तालाब के पास देखा गया. यह बाघिन मई 2008 में जन्मी थी और वर्तमान में इसकी उम्र लगभग 17 साल 7 महीने है. पीएन 20, पेंच टाइगर रिजर्व की विश्वविख्यात कॉलरवाली बाघिन की बहन है. कर्माझिरी रेंज के करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में ये घूमती रही है. सामने के पंजे द्वारा अलग ही तरीके से चलती है.”

मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ाने में पीएन 20 का योगदान

लंगड़ी बाघिन ने अब तक कुल 10 शावकों को जन्म दिया, जिन्होंने पेंच टाइगर रिजर्व एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में अपनी-अपनी टेरेटरी बनाकर बाघों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

कमजोर हो गई लंगड़ी बाघिन, दूसरों पर हो रही है डिपेंड

पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर ने बताया है कि फिलहाल ज्यादा उम्र होने की वजह से यह बाघिन शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी है और खुद शिकार भी नहीं कर पा रही है जिसकी वजह से दूसरे बाघों और तेंदुओं द्वारा छोड़े गए शिकार एवं दूसरे छोटे वन्यप्राणियों से इसे समय-समय पर भोजन प्राप्त हो जाता है. पीएन 20 न केवल पेंच टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रतीक है, बल्कि बाघ संरक्षण हेतु पेंच प्रबंधन के प्रयासों की एक जीवंत मिसाल भी है.

बाघ की 15 साल होती है औसत उम्र

डॉ. अंकित मेश्राम, वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के मुताबिक ” वैसे बाघ की उम्र 12 से 15 साल की होती है. अगर जू या फिर पिंजरे में ये रहते हैं इनकी उम्र 20 से 25 साल भी हो सकती है, क्योंकि यहां ये सुरक्षित जीवन जीते हैं. पेंच नेशनल पार्क की लंगड़ी बाघिन अब 17 साल 7 महीने की हो चुकी है और जीवित अवस्था में है.

हर साल टाइगर के कुनबे में हो रहा है इजाफा

2022 में हुई बाघों की जनगणना के आंकड़ों में पेंच टाइगर रिजर्व में 123 बाघ थे. हालांकि, शावकों की गिनती इसमें नहीं की जाती है. हाल ही में हुई बाघों की जनगणना में पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ के कुनबे में इजाफा होने के संकेत मिले हैं. हालांकि, आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. बाघों का कुनबा बढ़ने का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पेंच टाइगर रिजर्व से लगे बफर इलाकों में बड़ी संख्या में बाघ नजर आने लगे हैं, जो को कोर एरिया में टेरिटरी कम होने का संकेत है.

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