सुब्रमण्यम स्वामी ने मजदूरों से किराया लेने पर उठाया सवाल, पूछा- ये कैसी नैतिकता?

प्रवासी मजदूरों को वापस उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए जो ट्रेनें और बसें चलाई जा रही हैं। हालांकि मजदूरों से टिकट का किराया वसूलने के मामले को लेकर विवाद गहरा गया है। अब कांग्रेस के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही सरकार की नैतिकता पर सवाल उठाए।

सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को ट्वीट कर श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों एवं अन्य लोगों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का किराया मजदूरों से वसूलना गलत है। उन्होंने लिखा कि भूखे प्रवासी मजदूरों से रेल का किराया वसूलने के लिए भारत सरकार की नैतिकता कैसी है। विदेशों में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया द्वारा मुफ्त में लाया गया था। अगर रेलवे ने किराये का भुगतान करने से इंकार किया तो पीएम केयर्स फंड से भुगतान क्यों नहीं किया?

स्वामी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल के कार्यालय से इस मुद्दे पर चर्चा की है। सरकार 85 प्रतिशत और राज्य सरकार 15 प्रतिशत का भुगतान करेगी, प्रवासी श्रमिक मुफ्त जाएंगे।
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सवाल किया था कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स’ कोष में 151 करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है तो श्रमिकों को बिना किराये के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता। उन्होंने कहा था कि श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए।






