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झारखण्ड

देवघर में ‘गैस’ का संकट! होटलों और ढाबों से गायब हुए कमर्शियल सिलेंडर; बाबा नगरी में सप्लाई ठप होने से संचालक परेशान, बढ़ सकते हैं दाम

देवघर: देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच देवघर जिले में भी गैस सप्लाई की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है. हालांकि स्थिति अभी गंभीर नहीं है, लेकिन खासकर कमर्शियल सिलेंडर उपभोक्ताओं को खासी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है.

देवघर के गैस गोदामों में बाहर से आने वाले भरे हुए एलपीजी सिलेंडरों वाले ट्रकों की संख्या पिछले कुछ दिनों से कम हो गई है. गोदाम से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, होली के बाद अचानक सप्लाई में कमी आई है, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है. गोदाम इंचार्ज ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण रिफाइनरी से सिलेंडर लाने वाले ट्रकों की संख्या घटी है. इसका असर कई जिलों की तरह देवघर में भी आंशिक रूप से देखा जा रहा है.

कमर्शियल उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर

इस कमी का सबसे ज्यादा प्रभाव 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों पर पड़ रहा है. देवघर में बड़ी संख्या में होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलते हैं, जहां इन सिलेंडरों की खपत अधिक होती है. सप्लाई में देरी के कारण कारोबारियों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. गैस एजेंसियों से जुड़े वेंडरों का कहना है कि पहले बुकिंग के 24 घंटे के अंदर सिलेंडर पहुंचा दिया जाता था, लेकिन अब सप्लाई की कमी के चलते डिलीवरी में 48 से 72 घंटे तक का समय लग रहा है. इससे उपभोक्ताओं के फोन लगातार आ रहे हैं.

कालाबाजारी के आरोप

कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि कमी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है. सामान्यतः करीब एक हजार रुपये में मिलने वाले सिलेंडर अब 1100 से 1200 रुपये तक में बिक रहे हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

देवघर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल होने के कारण साल भर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में होटल-ढाबों में कमर्शियल गैस की मांग अधिक रहती है. सिलेंडर की कमी से कई होटल संचालकों को मजबूरी में महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है, जबकि कुछ छोटे दुकानदारों ने अपना काम अस्थायी रूप से सीमित कर दिया है.

प्रशासन की नजर, प्रयास जारी

इस पूरे मामले पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू ने बताया कि विभाग स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं अधिक परेशानी की शिकायत मिलती है तो उच्च अधिकारियों से समन्वय कर आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो.

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