ब्रेकिंग
Greater Noida Robbery: ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसायटी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, सुरक्षा पर उठे सवाल Baruipur Case: बारुईपुर हत्याकांड पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात Kanpur Road Accident: बर्रा एलिवेटेड रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैफिक सिपाही और ट्रक ड्राइवर की मौत Dehradun Crime News: मामूली एक्सीडेंट के बाद युवक का अपहरण, रातभर बंधक बनाकर दिया थर्ड डिग्री टॉर्चर Allahabad High Court on Halala: हलाला के नाम पर नाबालिग से गैंगरेप, कोर्ट बोला- पर्सनल लॉ अपराध से न... Mumbai Mankhurd Building Collapse: मानखुर्द में 3 मंजिला इमारत ढही, 5 बच्चों और महिला की मौत 24 रुपये के लिए 5 साल की कानूनी लड़ाई: खाली बाम मिलने पर उपभोक्ता ने कंपनी को चखाया मजा, मिला 40 हजा... 'भारत की एकता और प्रगति के लिए समर्पित जीवन': पीएम मोदी ने किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद Maharashtra Weather Updates: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन, रेल यातायात ठप और ठाणे में रेड अलर्ट Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, चंपत राय के इस्तीफे और नए महासचिव पर होगा...
उत्तरप्रदेश

Sambhal Namaz Controversy: नमाजियों की संख्या पर रोक बर्दाश्त नहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल प्रशासन को लताड़ा; कहा- ‘कानून का राज लागू करना आपका काम’

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल प्रशासन पर तल्ख टिप्प्णी करते हुए उन्हें अपनी ड्यूटी का एहसास कराया है. जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने संभल की एक मस्जिद में मुस्लिम नमाजियों की संख्या सीमित करने के स्थानीय प्रशासन के फैसले पर सख्त रुख अपनाया.

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यह राज्य का कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि हर परिस्थिति में कानून का राज कायम रहे. कोर्ट ने संभल के एसपी और डीएम को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने आदेश में कहा कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकते हैं. कोर्ट ने संभल प्रशासन के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नमाजियों की संख्या कैसे तय की जा सकती है.

इस्तीफा दे दें या फिर तबादला करवा लें

कोर्ट ने संभल एसपी और डीएम को सख्त लहजे में कहा कि अगर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें या फिर तबादला करवा लें. हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर हाल में कानून का राज कायम रहे. कोर्ट ने कहा कि अगर वे अधिकारी उन्हें लगता है कि वे कानून का राज लागू करने में सक्षम नहीं हैं, तो इस्तीफा देकर चले जाएं. या फिर कहीं और जाकर ड्यूटी करें.

केवल बीस नमाजियों को ही अनुमति

हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सके. मामले में मुनाजिर खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस मामले केा उठाया था. कोर्ट को बताया गया कि उस जगह पर केवल बीस नमाजियों को ही अनुमति दी गई है जो वहां नमाज अदा कर सकते हैं.

मामले में 16 मार्च को सुनवाई

जबकि याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि परिसर के अंदर नमाज अदा करने के लिए इससे कहीं ज्यादा लोग आ सकते है क्योंकि अभी रमजान का महीना चल रहा है और काफी संख्या में रोजेदार नमाज अदा करने आते हैं. प्रशासन के इस तरह के फैसले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. हाईकोर्ट अब इस मामले में 16 मार्च को सुनवाई करेगी. जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीज़न बेंच ने यह आदेश दिया है.

Related Articles

Back to top button