ब्रेकिंग
Money Management Tips: क्या सिर्फ पैसे बचाना काफी है? समझें परचेजिंग पावर और महंगाई का पूरा खेल Delhi Honeytrap Case: व्हाट्सएप दोस्ती के बाद रेस्टोरेंट में बुलाया, 21 हजार का बिल थमाकर मारपीट और ... Delhi Traffic Challan New Rule: कोर्ट में चालान चैलेंज करने से पहले भरना होगा 50% अमाउंट, जानिए क्या... Gurugram Police Action: राजस्थान से गिरफ्तार मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला कोर्ट में पेश, 1 अक्टूबर को ह... Haryana Petrol Pump Association: प्रति लीटर कमाई से ज्यादा चार्ज, जानिए क्यों यूपीआई पेमेंट का विरोध... Pehowa Sadar Police Action: कुरुक्षेत्र में सड़क हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश जारी, पुलिस खंगाल... Haryana Police Crime News: कैथल में पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज, 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का ... Chandigarh News: मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के कार्यों से गदगद हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कहा- संकट के... Amritsar ASI Murder Case: शहीद ASI हरजीत सिंह के परिवार को ₹2 करोड़ का मुआवजा; CM भगवंत मान का बड़ा ... Ludhiana Horror: घर में घुसकर किशोरी को किडनैप कर शिमला ले गया आरोपी, 1 महीने तक होटल में बंधक बनाकर...
मध्यप्रदेश

Unani Medicine Research: मानसिक बीमारियों के लिए वरदान साबित होंगी ये 3 यूनानी दवाएं, सूंघने मात्र से मिलेगा आराम; एक्सपर्ट्स का बड़ा खुलासा

भोपाल: मिर्गी जैसी मानसिक बीमारी का इलाज अब दवाओं को खिलाकर नहीं, बल्कि सुंघाकर किया जाएगा. परंपरागत चिकित्सा पद्धति में इस तरह के रोगों में कई दवाएं असरकारक रही हैं, लेकिन पहली बार यूनानी चिकित्सा की 3 दवाओं का आधुनिक चिकित्सा पद्धति के जरिए नैनो इमल्शन तैयार किया जा रहा है.

इसका उपयोग मरीजों का दवा के रूप में सुंघाने के लिए किया जाएगा, ताकि इसका सीधा असर मरीज के मस्तिष्क पर हो सके. इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ आयुष की मदद से भोपाल का यूनानी मेडिकल कॉलेज और दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंस एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है.

‘3 दवाओं के नैनो इमल्शन पर रिसर्च’

यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर सैयद मोहम्मद अब्बास जैदी बताते हैं कि “यूनानी, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में मरीजों को दवाओं के खिलाने के अलावा दवाओं के लेप और धुंए के माध्यम से भी दिए जाने का उल्लेख है. यूनानी चिकित्सा पद्धति में मिर्गी जैसे कई दूसरे मानसिक रोगों के लिए परंपरागत तरीकों से कई दवाओं का उपयोग किया जाता रहा है.

इसमें कुछ दवाएं ऐसी भी हैं, जिनको धुंए के रूप में मरीज को दिए जाने का पुस्तिकों में उल्लेख है. इससे पता चलता है कि सांस के माध्यम से अंदर जाने वाली दवा भी असरकारक है. इसी को देखते हुए यूनानी चिकित्सा की 3 दवाओं का नैनो इमल्शन तैयार किया जा रहा है.”

ये हैं वो 3 दवाएं जिनका इमल्शन हो रहा तैयार

डॉ सैयद मोहम्मद अब्बास जैदी बताते हैं कि “यूनानी चिकित्सा में 3 दवाओं का उपयोग शरीर की कई परेशानियों में असरकारक रहा है.

  • इसमें एक है हब्बे बलसा यानी बलसा के सीड, यह शरीर को आंतरिक रूप से मजबूती देता है और इंटरनल हीलिंग का काम करता है.
  • इसी तरह दूसरा है उस्ताखुद्दूस या फ्रेंच लैवेंडर, इसका उपयोग यूनानी और आयुर्वेद दोनों में होता है. इसका उपयोग सिरदर्द, माइक्रेन, जोड़ों के दर्द, सांस संबंधी समस्याओं आदि में फायदेमंद माना जाता है. खासतौर से यह दिमांग को शांत करता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है.
  • तीसरा है जदवार का उपयोग यूनानी जड़ी-बूटी में होता है. यह तनाव कम करने, दिमागी कमजोरी, मिर्गी जैसे रोगों में फायदेमंद माना जाता है.

इन तीनों दवाओं को मिलाकर एक नैनो इमल्शन तैयार किया जा रहा है. इसमें दवा का डोज बहुत कम किया जा रहा है, इससे दवा का मोड ऑफ एक्शन तेज हो जाता है. इसे मरीजों को सुंघाया जाएगा, ऐसा करने से यह सीधे मरीज के दिमाग तक पहुंचेगा और ज्यादा तेजी से असर कर सकेगा.

‘जल्द होगा ड्रग ट्रायल’

इस अध्ययन में डॉक्टर अब्बास जैदी के साथ दिल्ली फार्मास्युअकल साइंस एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कुमार जैन भी इस अध्ययन को कर रहे हैं. डॉक्टर अब्बास जैदी बताते हैं कि “इस दवा को लेकर 2 चरण पूरे हो चुके हैं, जल्द ही इसका ड्रग ट्राइल शुरू किया जाएगा. नैनो इमल्शन बनाए जाने के बाद यह कितनी प्रभावी है, इनका कोई दुष्प्रभाव तो नहीं हैं, इस पर रिसर्च चलरही है. यह पता लगाए जाने के बाद जल्द ही इसका उपयोग मिनिस्ट्री ऑफ आयुष की मदद से पेशेंट के ऊपर ट्रायल किया जाएगा. बेहतर रिजल्ट आने पर इसका उपयोग मरीजों पर किया जाएगा.”

Related Articles

Back to top button