मिडिल ईस्ट संकट का पंजाबियों पर सीधा प्रहार! कनाडा जाना हुआ और भी मुश्किल; एयर रूट बदलने से फ्लाइट्स रद्द और किराए में भारी उछाल

कनाडा जाने की तैयारी कर रहे पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों के लिए चिंताजनक स्थिति बन गई है। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखाई देने लगा है, जिसके चलते खास तौर पर कनाडा जाने वाले छात्रों और वर्क परमिट धारकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब के दोआबा क्षेत्र के जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों से हर साल बड़ी संख्या में युवक पढ़ाई और रोजगार के लिए कनाडा का रुख करते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में उनकी यात्रा पहले की तुलना में अधिक महंगी और लंबी हो गई है। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी 2026 के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर वैश्विक विमानन सेवाओं पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से ईरान, इराक, कुवैत, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में कड़ी निगरानी और कई प्रकार की पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान मार्ग प्रभावित हुए हैं और एयरलाइनों को अपने रूट बदलने पड़े हैं।
पहले पंजाब से कनाडा जाने वाले अधिकतर यात्री दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे खाड़ी देशों के ट्रांजिट हब के जरिए यात्रा करते थे। लेकिन मौजूदा हालात में इन मार्गों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अब कई एयरलाइंस यात्रियों को लंदन, फ्रैंकफर्ट और पेरिस जैसे यूरोपीय शहरों के रास्ते कनाडा भेज रही हैं, जिससे यात्रा का समय भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही हवाई किराए में भी भारी उछाल देखा जा रहा है। पहले इकॉनमी क्लास की टिकटें अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हो जाती थीं, लेकिन अब तत्काल बुकिंग का किराया करीब 1.5 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक पहुंच गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर एक तरफ की टिकट 3 लाख से 10 लाख रुपये तक बिकने की जानकारी सामने आई है। इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है जिन्हें नए सेमेस्टर के लिए जल्द कनाडा पहुंचना जरूरी है। बढ़ते किराए और बदले हुए रूटों के कारण उनकी यात्रा न सिर्फ महंगी बल्कि पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गई है।






