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जब ‘गुरुजी’ खुद बने छात्र! डीसी की पाठशाला में हजारों शिक्षकों ने सीखी भविष्य संवारने की कला; शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल

धनबाद: जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को धनबाद के पॉलिटेक्निक संस्थान में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक और प्रधानाध्यापक बड़ी संख्या में शामिल हुए.

सकारात्मक शिक्षण वातावरण तैयार करना शिक्षकों की जिम्मेदारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के नेतृत्व में किया गया. कार्यक्रम में शिक्षकों को विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने, बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करने तथा सकारात्मक शिक्षण वातावरण तैयार करने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई.

स्कूल में छात्रों को अपनापन महसूस कराएं शिक्षक

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया है कि विद्यालय में बच्चों का स्वागत करना, उनका जन्मदिन मनाना और स्कूल में अपनापन का माहौल बनाना बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

रखा जाएगा स्कूलों का रिकॉर्ड

कार्यक्रम में नो कॉस्ट–लो कॉस्ट गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया. इसके तहत शिक्षकों को एक विशेष फॉर्म दिया जाएगा, जिसके आधार पर विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा. जिले के लगभग 1700 विद्यालयों का आकलन किया जाएगा और जिन विद्यालयों को 90 से अधिक अंक मिलेंगे, उन्हें हाई असेसमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा. इसके साथ ही शिक्षकों को जिम्मेवारी पंजी रखने का निर्देश दिया गया है, जिसमें विद्यालय से संबंधित सभी गतिविधियों और कार्यों का रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा.

जल्द शुरू होगा स्कूलों का सर्वे

प्रशिक्षण में बताया गया है कि करीब दो महीने बाद स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा. सर्वे के दौरान नो कॉस्ट–लो कॉस्ट फॉर्म के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला शिक्षा अधीक्षक आयुष कुमार, डीएमएफटी पीएमयू की टीम तथा बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे.

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