ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: विजय को 2029 में PM उम्मीदवार बनाने पर TVK और कांग्रेस में तकरार, मंत्री सेंगोट... Budgam Encounter: बडगाम में सेना का ‘ऑपरेशन अशदार’, सुरक्षाबलों ने मार गिराया 1 आतंकी; AK राइफल बराम... दिल्ली के सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रार नियुक्त: पहली बार IT आधारित रैंडमाइजेशन से पोस्टिंग Madhubani Court News: मधुबनी कोर्ट से हथकड़ी छुड़ाकर भागा कैदी, 3 घंटे बाद स्टेडियम रोड से दोबारा गि... Uttarakhand Politics: हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद के बीच BJP का चुनावी शंखनाद, 9 सितंबर से नितिन नवीन ... Mumbai News: गोरेगांव में आरे मेट्रो स्टेशन के नीचे लग्जरी बस में लगी भीषण आग, धमाके के बाद मची अफरा... Jadavpur University Row: जादवपुर यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर 'ऋषि अरबिंदो' रखने की मांग, BJP विधायक के ... Digital Arrest Cyber Fraud: सीबीआई का देशभर में 'ऑपरेशन चक्र-VI', 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर छापेम... सुपौल के बसबिट्टी कुंवर टोला की अनोखी जन्माष्टमी: विसर्जन के दिन नहीं जलता चूल्हा, चूड़ा-दही पर रहते... बुलंदशहर में पूर्व विधायक गुड्डू पंडित पर गंभीर आरोप: पत्नी अर्चना पांडा ने दर्ज कराई मारपीट की शिका...
उत्तरप्रदेश

Greater Noida News: लिफ्ट में 1 घंटे तक फंसे रहे बच्चे और महिलाएं, मची चीख-पुकार

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ‘लिफ्ट रुकने के मामले’ थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी के टावर ए में लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में अटक गई, जिसमें कई छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थीं. ये सभी बच्चे कन्या पूजन में शामिल होने के लिए दूसरे टावर में जा रहे थे, तभी लिफ्ट अचानक बंद हो गई और सभी लोग उसमें कैद हो गए.

लिफ्ट के रुकते ही छोटे बच्चे और महिलाएं घबरा गईं. सभी जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन कोई भी सुरक्षाकर्मी और मेंटेनेंस कर्मचारी उनकी आवाज सुनकर नहीं आया. लिफ्ट में फंसे लोगों का आरोप है कि अलार्म बटन दबाने के बाद भी काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. वहीं छोटे-छोटे बच्चे डर के कारण जोर-जोर से रोने लगे.

एक घंटे तक लिफ्ट में कैद रहे लोग

सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि लिफ्ट करीब एक घंटे तक बंद रही, जिससे अंदर फंसे लोगों की हालत बिगड़ने लगी. छोटे बच्चे डर के कारण लगातार रोते रहे. लिफ्ट के अंदर से लगातार आवाजें आने लगीं. जब टावर में मौजूद अन्य लोगों ने यह शोर सुना तो मौके पर भीड़ जमा हो गई. हर कोई किसी तरह फंसे लोगों को निकालने की कोशिश में जुट गया, लेकिन लिफ्ट पूरी तरह जाम हो चुकी थी.

यह देख सोसाइटी के लोगों में आक्रोश फैल गया. घंटों मशक्कत के बाद मेंटेनेंस कर्मचारियों और लिफ्ट स्टाफ ने लिफ्ट को खोलकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. लिफ्ट से बाहर निकलते ही कई बच्चों की हालत रोने के कारण खराब हो गई थी, जबकि महिलाओं को बाहर निकालकर एक तरफ बैठाया गया और पानी पिलाया गया. थोड़ी देर बाद सभी लोगों ने राहत की सांस ली.

पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं

सोसाइटी की एओए प्रेसिडेंट सीमा भंडारी ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार लिफ्ट के अचानक बंद होने और फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 7 मार्च को टावर ए की एक लिफ्ट अचानक नीचे गिरने जैसी स्थिति में आ गई थी. इसके अगले दिन 8 मार्च को भी कई बार लोग लिफ्ट में फंस गए थे.

इन घटनाओं के बाद भी न तो मेंटेनेंस में सुधार हुआ और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. एओए के सिक्योरिटी मेंबर मयंक मिश्रा ने बताया कि 10 मार्च को इसके खिलाफ निराला स्टेट चौकी में लिखित शिकायत दी गई थी.

इसके बाद 11 मार्च को बिसरख थाने में भी शिकायत की गई, लेकिन सख्त चेतावनी के बावजूद न तो बिल्डर ने संज्ञान लिया और न ही मेंटेनेंस कर्मचारियों ने इसकी सुध ली. लगातार पुलिस और प्रशासन से शिकायत के बावजूद भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है.

जांच में भी सामने आई थीं खामियां

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि 17 मार्च को विद्युत सुरक्षा विभाग की टीम ने सोसाइटी का निरीक्षण किया था. जांच में पाया गया कि कई लिफ्ट पूरी तरह बंद थीं और जो चल रही थीं, उनमें भी जरूरी सुरक्षा उपकरण काम नहीं कर रहे थे. लिफ्ट के अंदर लगे पंखे, अलार्म बटन और अन्य सुरक्षा सिस्टम खराब पाए गए.

इसका मतलब यह है कि अगर कोई अंदर फंस जाए तो उसके पास मदद मांगने का भी सही तरीका नहीं है. एओए के वाइस प्रेसिडेंट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि लिफ्ट की खराब हालत के पीछे बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के बीच चल रहा विवाद है.

बिल्डर का कहना है कि मेंटेनेंस कंपनी का भुगतान बकाया है, जबकि मेंटेनेंस कंपनी का आरोप है कि बिल्डर अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है और हैंडओवर में देरी कर रहा है. इस खींचतान का सीधा असर सोसाइटी में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना खतरे के बीच रहना पड़ रहा है. हिमालय प्राइड सोसाइटी में करीब 1100 से अधिक परिवार रहते हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भी शामिल हैं.

खतरा बरकरार

इस घटना में सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन यह साफ हो गया है कि सोसाइटी की लिफ्ट व्यवस्था पूरी तरह लापरवाही का शिकार है. बार-बार हो रही घटनाओं और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है. फिलहाल सोसाइटी के लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं.

Related Articles

Back to top button