ब्रेकिंग
Bareilly Murder News: उत्तर प्रदेश के बरेली में दिव्यांग शख्स की गला दबाकर हत्या, खेत के विवाद को ले... Jalandhar Politics News: राजविंदर कौर थियाड़ा को हटाए जाने के बाद वायरल ऑडियो से सियासी भूचाल, विधाय... Punjab Vidhan Sabha Session: पंजाब विधानसभा का 13वां सत्र आज से शुरू, नशे और विकास के मुद्दों पर हंग... एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले जालंधर में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, भगत सिंह कॉलोनी में झुग्गियां ह... जालंधर में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर कामकाज ठप, पांच दिनों से बढ़ रही लोगों की परेशानी PSEB Open School Result 2026: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं ओपन स्कूल का परिण... Hisar Azad Nagar Crime News: एचएयू में गार्ड था सचिन, शादीशुदा महिला के साथ लिव-इन में रहते हुए उठाय... Rewari Sector-4 Road Construction: रेवाड़ी में घटिया सड़क निर्माण पर भड़के विधायक लक्ष्मण यादव, सीसी... Haryana Weather Update: हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, गुरुग्राम में सबसे ठंडी रात— जानिए 24 अक्टूब... Gurugram Electricity and Water Crisis: तीन दिन की हड़ताल से ठप हुई बिजली आपूर्ति, पानी के लिए भी जूझ...
छत्तीसगढ़

Tamradhwaj Sahu on Naxalites: पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- अधूरी नक्सली लिस्ट से कैसे होगा खात्मा?

दुर्ग: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर 31 मार्च 2026 की तय डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच दुर्ग में भी मंत्री गजेंद्र यादव ने दावे को दोहराते हुए सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ उपलब्धि गिनाई तो पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने आगे की रणनीति पर सवाल पूछकर घेरा.

हम जो कहते हैं वो करते हैं- गजेंद्र यादव

राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प रखा था वो पूरा होने वाला है. उन्होंने कहा कि हाल के अभियानों में कई बड़े नक्सली मारे गए हैं और कुख्यात कमांडर हिड़मा के मारे जाने और पापा राव जैसे नेताओं के आत्मसमर्पण से संगठन को बड़ा झटका लगा है. सरकार का मानना है कि यह प्रदेश में शांति और विकास की नई शुरुआत होगी.

चार दशकों से प्रभावित रहा बस्तर क्षेत्र

बस्तर संभाग पिछले करीब 40 सालों से नक्सल हिंसा से जूझ रहा है. इस दौरान कई बड़े हमले हुए और सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी नुकसान उठाना पड़ा. अब जब डेडलाइन में सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं, तो यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी पुरानी समस्या का समाधान इतने कम समय में संभव है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी सरकार के दावे पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि अगर नक्सलवाद खत्म होता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नक्सली विचारधारा को खत्म करने की क्या ठोस योजना है. उन्होंने कहा कि केवल सूचीबद्ध नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई काफी नहीं है, क्योंकि कई ऐसे लोग भी हैं जो सूची में शामिल नहीं हैं.

कितने नक्सली बचे हैं कितने सरेंडर हुए ये तो सरकार ही बता पाएगी लेकिन मार्च के बाद की क्या रणनीति है, लिस्ट में जिन नक्सलियों का नाम नहीं है उन्हें कैसे खत्म करेंगे इस पर चर्चा नहीं हुई है, अगर मार्च अंत तक नक्सली खत्म होते हैं तो ये प्रदेश के लिए खुशी की बात है- ताम्रध्वज साहू, पूर्व गृहमंत्री

फिलहाल पूरे प्रदेश और खासकर बस्तर क्षेत्र की नजरें इस डेडलाइन पर टिकी हुई हैं.

Related Articles

Back to top button